प्रतापगढ़, 20 दिसंबर 2025। प्रतापगढ़ के राजकीय बालिका इंटर कॉलेज (GGIC) में बन रहे 100 बेडेड छात्रावास का निर्माण कार्य पिछले एक वर्ष से बंद पड़ा है। हैरानी की बात यह है कि कार्यदायी संस्था ने बजट उपलब्ध न होने को वजह बताया। इस पर जिलाधिकारी शिव सहाय अवस्थी ने कड़ी नाराजगी जताई।
19 दिसंबर को कैम्प कार्यालय में आयोजित समीक्षा बैठक के दौरान जब छात्रावास निर्माण की प्रगति की जानकारी ली गई, तो सी एंड डीएस यूनिट-10 की ओर से बताया गया कि बजट न मिलने के कारण कार्य ठप है। इस पर जिलाधिकारी ने सवाल उठाया कि जब बजट की व्यवस्था नहीं थी तो निर्माण कार्य शुरू ही क्यों किया गया। डीएम ने स्पष्ट निर्देश दिए कि नियमानुसार शासन को तत्काल पत्र भेजा जाए और यह भी सुनिश्चित किया जाए कि निर्माण में अनावश्यक देरी की जिम्मेदारी तय हो।
बैठक में सामने आया कि केवल GGIC छात्रावास ही नहीं, बल्कि नगर पंचायत पृथ्वीगंज कार्यालय भवन का निर्माण भी भूमि उपलब्ध न होने के कारण आगे नहीं बढ़ पा रहा है। इस पर डीएम ने मौके पर ही उपजिलाधिकारी रानीगंज से फोन पर बात कर भूमि चिन्हांकन में हो रही देरी पर नाराजगी जताई और शीघ्र समाधान के निर्देश दिए।
राजकीय पॉलिटेक्निक प्रेमधर पट्टी का निर्माण कार्य भी विवादित प्रकरण के निस्तारण न होने से बंद पड़ा पाया गया। जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को साफ शब्दों में निर्देश दिए कि लंबित विवादों को बहाना न बनाकर समयबद्ध निस्तारण किया जाए, ताकि सार्वजनिक धन से चल रही योजनाएं अधर में न रहें।
समीक्षा बैठक में जिलाधिकारी अवस्थी ने कहा कि त्वरित योजना के तहत जिले के लिए ट्रांजिट हॉस्टल, ऑडिटोरियम और कन्वेंशन सेंटर जैसे प्रस्ताव शासन को भेजे जाएं, लेकिन यह भी स्पष्ट किया कि प्रस्ताव भेजने के साथ-साथ उनके क्रियान्वयन की जिम्मेदारी भी तय की जाए।
बैठक में मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. ए.एन. प्रसाद, जिला विद्यालय निरीक्षक ओमकार राणा, जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी प्रियंका सोनी, अधिशासी अभियंता ग्रामीण अभियंत्रण विभाग सुजीत कुमार राय सहित अन्य संबंधित अधिकारी और कार्यदायी संस्थाओं के प्रतिनिधि मौजूद रहे।
















