• Home
  • छत्तीसगढ़
  • गणित केवल एक विषय नहीं, यह नवाचार के लिए शक्तिशाली उपकरण
गणित केवल एक विषय नहीं, यह नवाचार के लिए शक्तिशाली उपकरण

गणित केवल एक विषय नहीं, यह नवाचार के लिए शक्तिशाली उपकरण

रायपुर, 23 दिसंबर 2025। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर स्थित राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान में 22 दिसंबर को महान गणितज्ञ डॉ. श्रीनिवास रामानुजन की 138वीं जयंती मनाई गयी। इस दिन को राष्ट्रीय गणित दिवस के रुप में सेलीब्रेट किया गया। यह कार्यक्रम संस्थान के गणित विभाग द्वारा छत्तीसगढ़ विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद और नेशनल कौंसिल फॉर साइंस एंड टेक्नोलॉजी कम्युनिकेशन, भारत सरकार के सहयोग से आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य गणित के महत्व को बढ़ावा देना और छात्रों तथा प्रतिभागियों को गणितीय खोज और नवाचार के लिए प्रेरित करना था।

कार्यक्रम के मुख्य संरक्षक डॉ. एन. वी. रमना राव, निदेशक, राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान रायपुर, तथा मुख्य अतिथि डॉ. सत्यनारायण वोलाला, इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ़ इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी नया रायपुर, रहे। कार्यक्रम के आयोजन अध्यक्ष गणित विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. सुजीत कुमार समंता और आयोजन सचिव डॉ. शारदा नंदन राव, डॉ. नवीन कुमार मेहर एवं डॉ. रंजन कुमार दास थे। कार्यक्रम में संस्थान के अन्य फैकल्टी सदस्य, स्कूल के छात्र और गणित में रुचि रखने वाले प्रतिभागी उपस्थित रहे।

उद्घाटन समारोह दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। डॉ. शारदा नंदन राव ने अतिथियों और प्रतिभागियों का स्वागत करते हुए श्रीनिवास रामानुजन के असाधारण योगदान को याद किया और बताया कि यह दिवस हमें उनकी गणितीय विरासत को आगे बढ़ाने की प्रेरणा देता है। डॉ. सुजीत कुमार समंता ने अपने संबोधन में कहा कि आज के तेजी से बदलते विश्व में गणितीय सोच विश्लेषण और नवाचार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। उन्होंने विश्वास जताया कि कार्यक्रम की गतिविधियां छात्रों को कक्षा से बाहर गणित का अन्वेषण करने के लिए प्रोत्साहित करेंगी।

डॉ. नवीन कुमार मेहर ने गणित को केवल एक विषय नहीं बल्कि समस्या-समाधान और नवाचार के लिए एक शक्तिशाली उपकरण बताया। डॉ. एन. वी. रमना राव ने श्रीनिवास रामानुजन को एक ऐसे आत्म-निर्मित गणितज्ञ के रूप में याद किया, जिन्होंने बिना औपचारिक प्रशिक्षण के संख्या सिद्धांत और अनंत श्रृंखला में अद्वितीय योगदान दिया। उन्होंने बताया कि गणित सभी तकनीकी और वैज्ञानिक विषयों को जोड़ता है और आधुनिक विज्ञान जैसे क्वांटम कंप्यूटिंग की नींव गणितीय खोजों पर आधारित है।

मुख्य अतिथि डॉ. सत्यनारायण वोलाला ने कहा कि राष्ट्रीय गणित दिवस केवल समीकरण हल करने के लिए नहीं, बल्कि मानवता के सपनों को बदलने वाले रामानुजन के दृष्टिकोण को सम्मानित करने के लिए मनाया जाता है। उन्होंने छात्रों को गणित के डर को दूर करने और इसे एक खेल एवं कला के रूप में देखने के लिए प्रोत्साहित किया। उद्घाटन सत्र का समापन डॉ. रंजन कुमार दास द्वारा धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ।

कार्यक्रम में पोस्टर प्रदर्शनी, वाद-विवाद, प्रश्नोत्तरी और व्याख्यान सत्र जैसी विभिन्न प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं। समापन समारोह में अतिथि डॉ. शुभ्रता गुप्ता, डीन (अकादमिक), राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान रायपुर और मुख्य अतिथि प्रोफेसर विष्णु अग्रवाल, मोतीलाल नेहरू राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान इलाहाबाद उपस्थित रहे। डॉ. गुप्ता ने प्राचीन भारतीय गणितज्ञों का स्मरण करते हुए कहा कि भारत सदैव आर्यभट्ट, श्रीनिवास रामानुजन और शकुंतला देवी जैसे महान गणितज्ञों की भूमि रहा है, जो पूरे देश के लिए गर्व की बात है।

प्रोफेसर अग्रवाल ने सभी से अपील की कि गणित को कठिन न समझें, यह हमारे जीवन के हर पहलू में मौजूद है और इसका आनंद लिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में गणित को छात्रों के लिए और अधिक रोचक और मज़ेदार बनाने के प्रयास किए जा रहे हैं।