पेरिस, 12 फरवरी 2025। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) को वैश्विक जन कल्याण के लिए अत्यंत उपयोगी नवान्वेषण बताया है। उन्होंने भारत के बड़े भाषा मॉडल और गणना शक्ति के अनूठे मॉडल को दुनिया से साझा करने की पेशकश की है, जो स्टार्टअप और शोधकर्ताओं को सस्ती कीमत पर उपलब्ध कराया जाएगा।
प्रधानमंत्री मोदी ने पेरिस के ग्रैंड पैलेस में आयोजित एआई एक्शन समिट की सह-अध्यक्षता करते हुए कहा, मुझे एक साधारण प्रयोग के साथ शुरू करने दें। यदि आप अपनी मेडिकल रिपोर्ट को एआई ऐप पर अपलोड करते हैं, तो यह सरल भाषा में समझा सकता है, किसी भी तकनीकी शब्दजाल से मुक्त होकर कि आपके स्वास्थ्य के लिए इसका क्या मतलब है। लेकिन अगर आप उसी ऐप से बाएं हाथ से लिखने वाले व्यक्ति की छवि बनाने को कहें, तो यह सबसे अधिक संभावना है कि दाहिने हाथ से लिखने वाले व्यक्ति की छवि बनाएगा।
प्रधानमंत्री मोदी ने जोर देकर कहा कि एआई की क्षमताओं का उपयोग केवल तकनीकी प्रगति तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि इसे मानवता के कल्याण के लिए भी दिशा देनी चाहिए। उन्होंने कहा कि भारत का एआई मॉडल बहुभाषी है और विविध संस्कृतियों को ध्यान में रखते हुए तैयार किया गया है, जिससे यह वैश्विक स्तर पर प्रभावी रूप से काम कर सकता है।
भारत के एआई इनोवेशन की प्रमुख बातें
- सस्ती और सुलभ एआई सेवाएं स्टार्टअप्स और शोधकर्ताओं के लिए
- बहुभाषी भाषा मॉडल जो विविध संस्कृतियों के अनुकूल
- स्वास्थ्य, शिक्षा, और कृषि जैसे क्षेत्रों में एआई के प्रभावी उपयोग की योजना
प्रधानमंत्री मोदी के इस संबोधन ने वैश्विक मंच पर भारत के एआई नेतृत्व को और मजबूत किया है, जिससे तकनीकी नवाचारों में भारत की अग्रणी भूमिका को रेखांकित किया गया है।