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MOU between CCCI and GCCCI

व्यापारिक परिदृश्य में मिलकर नया अध्याय शुरू करेंगे छत्तीसगढ़़ और गोवा के व्यापारी

रायपुर, 20 जनवरी 2026। साल 2026 में में छत्तीसगढ़़ और गोवा के व्यापारी मिलकर व्यापारिक परिदृश्य में मिलकर नया अध्याय शुरू करने जा रहे हैं। इसकी शुरुआत दोनों राज्यों के चेंबरों में हुए आपसी समझौते से हुआ है। छत्तीसगढ़ चेम्बर के प्रदेश महामंत्री अजय भसीन ने इसकी पुष्टि किया है।

उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ चेम्बर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के प्रदेश अध्यक्ष सतीश थौरानी के मार्गदर्शन में छत्तीसगढ़ और गोवा के औद्योगिक एवं व्यापारिक परिदृश्य में एक नए अध्याय की शुरुआत हुई। छत्तीसगढ़ चेम्बर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज (CCCI) और गोवा चेम्बर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (GCCCI) के बीच एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए। इस समझौते का मुख्य उद्देश्य दोनों राज्यों के बीच व्यापार, निवेश और औद्योगिक सहयोग को बढ़ावा देना है।

समझौते में ये बिंदु शामिल

  • दोनों राज्यों के व्यापारियों और उद्यमियों के बीच सीधे संपर्क और सहयोग के लिए एक मजबूत मंच तैयार किया जाएगा।
  • दोनों संस्थाएं निवेश के अवसरों, व्यापारिक नीतियों और विधायी परिवर्तनों के बारे में नियमित रूप से जानकारी साझा करेंगी।
  • उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए विशेष प्रशिक्षण सत्र, बिजनेस डेलिगेशन और सेमिनारों का आयोजन साझा रूप से किया जाएगा।
  • दोनों राज्यों में आयोजित होने वाले व्यापारिक मेलों और प्रदर्शनियों में एक-दूसरे के सदस्यों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी।
  • तकनीकी हस्तांतरण, औद्योगिक सहयोग और संयुक्त उद्यमों की संभावनाओं को तलाशने के लिए दोनों पक्ष मिलकर काम करेंगे।

गोवा चेम्बर ऑफ कॉमर्स की अध्यक्षा श्रीमती प्रतिमा ढोंड ने कहा, यह समझौता गोवा के व्यापारिक समुदाय के लिए छत्तीसगढ़ जैसे संसाधन संपन्न राज्य के साथ जुड़ने का एक सुनहरा अवसर है। हम मिलकर नई आर्थिक संभावनाओं को जन्म देंगे।

छत्तीसगढ़ चेम्बर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के महामंत्री अजय भसीन ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि चेम्बर हमेशा से छत्तीसगढ़ के व्यापारियों के हितों और उनके विस्तार के लिए कार्यरत रहा है।

गोवा चेम्बर के साथ यह तालमेल हमारे प्रदेश के उत्पादों और सेवाओं को एक नई पहचान और बाजार दिलाने में सहायक होगा।

यह समझौता (एमओयू) के हस्ताक्षर होने के साथ ही प्रभावी हो गया है। दोनों संस्थाएं भविष्य की कार्ययोजना तैयार करने के लिए नियमित बैठकें आयोजित करने पर सहमत हुई हैं।