वर्ष 2025 में वासंतिक नवरात्र में कई शुभ योगों का संयोग एक साथ आया है। सर्वार्थ सिद्धि योग के साथ ऐंद्र योग, और शुक्रादित्य योग देवी आराधना के पर्व को विशेष फलदायी बनाएगा। इस बार एक तिथि के क्षय की वजह से नवरात्र 9 की जगह 8 दिन का ही होगा। चैत्र शुक्ल प्रतिपदा की शुरुआत उदया तिथि के लिहाज से 30 मार्च को होगी और महानवमी की पूर्णाहुति 6 अप्रैल को होगी।
पंचमी तिथि का क्षय है। महाअष्टमी को ही महानवमी के भी अनुष्ठान पूरे होंगे। ज्योतिषाचार्य पं. ब्रजेंद्र मिश्र के अनुसार इस बार नवरात्रि की शुरुआत कई शुभ योगों के साथ हो रही है।
31 मार्च को द्वितीया तिथि है। उस दिन मां ब्रह्मचारिणी की पूजा सुबह 9:12 बजे तक है। इसके बाद तृतीया तिथि को मां चंद्रघंटा का पूजन होगा।
कलश स्थापनाका शुभ मुहूर्त
मुहूर्त: 30 मार्च सुबह 6:12 से 10:20 बजे तक।
अभिजीत मुहूर्त: 12:01 से 12:50 बजे तक।