प्रतापगढ़, 19 मार्च 2026। रामानुज आश्रम सर्वोदय सद्भावना संस्थान में सनातन नव वर्ष विक्रम संवत 2083 के आगमन की पूर्व संध्या पर कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता डा संगम लाल त्रिपाठी भंवर ने की। कार्यक्रम के आयोजक धर्माचार्य ओमप्रकाश पांडे अनिरुद्ध रामानुज दास ने सर्वप्रथम वेद मंत्रों के मध्य गाय, वेद एवं जगदगुरु रामानुजाचार्य श्री श्री 1008 स्वामी श्री योगेश्वराचार्य जी पीठाधीश्वर अतुलेश्वर धाम इंद्रप्रस्थ द्वारा संपादित नव वर्ष के पंचांग का पूजन किया। इसके उपरान्त उन्होंने कहा कि श्रीमद्भागवत के पंचम स्कंद में वर्णन आया है कि विश्व का कल्याण हो, दुष्ट दुष्टता त्यागें।
प्राणी सद्भावना से परस्पर हित का, नित्य चिंतन करें। मन में मंगल हो, निष्काम भावना से, मति सदा हमारी प्रभु चरणों में हो। इसी प्रकार वाल्मीकि रामायण में वर्णन आया है कि आइए हम सहर्ष, सानंद सोल्लास स्नेह, ससद्भाव इस अभिनव संवत्सर का अभिनंदन आराधन करें तथा विश्व के प्रत्येक प्राणी के सर्वविध सुमंगल की सतत शुभकामना भी करें।
प्रत्येक दृष्टि से यह वर्ष विश्व मानवता का संरक्षण संवर्धन करे तथा दानवता-दीनता-दुर्गति का सर्वथा संहरण करे। यह नव वर्ष रौद्र संवत्सर के नाम से जाना जाएगा। मेरा साहित्यकारों से अनुरोध है कि इस वर्ष प्रत्येक साहित्यकार गौ माता पर एक-एक कविता की रचना अवश्य करें शास्त्र कहता है गावो विश्वस्य मातर: गाय विश्व की माता है गायों की सेवा करने के कारण ही भगवान कृष्ण का प्रथम नाम गोपाल पड़ा।
मुख्य अतिथि डॉक्टर श्याम शंकर शुक्ल श्याम पूर्व प्रधानाचार्य ने कहा कि गाय हमारी माता है लेकिन बड़े दुख के साथ कहना पड़ रहा है कि गाय को भी राजनैतिक लोग जातियों में बांट रहे हैं। हम संकल्प लें कि गाय की रक्षा के लिए कार्य करेंगे और गाय को राष्ट्र माता घोषित करने के लिए संघर्ष करेंगे नव संवत्सर हमारे लिए नई-नई चीजों के आगमन की सूचना प्रदान करता है।
बच्चों के क्लास का बदलाव जाड़े के वस्त्रों को उतार कर नए वस्त्रों को धारण करना, यहां तक की बैंकों का पूरे वर्ष का हिसाब किताब भी मार्च के अंत में होता है। वरिष्ठ साहित्यकार एवं पत्रकार राज नारायण शुक्ला राजन ने अपनी रचना गंगा, गीता, गायत्री से है अपनी पहचान हमारे दिल में हिंदुस्तान। राम कृष्ण आदर्श हमारे, हम उनकी संतान हमारे दिल में हिंदुस्तान, के माध्यम से लोगों का मन मोह लिया।
कार्यक्रम में डॉक्टर शाहिदा, सुरेश पांडे संभव, गंगा पांडे भावुक, ओमप्रकाश पंछी, चांदनी दुबे, कल्पना तिवारी दिव्या, कनक तिवारी ने अपनी रचनाओं तथा जनपद प्रतापगढ़ के संगीत के उभरते कलाकार आशीष शर्मा उर्फ गोलू ने राम आएंगे सहित अनेक भजनों को श्रवण करा के नव वर्ष के आगमन का स्वागत किया।
धर्माचार्य एवं नारायणी रामानुज दासी द्वारा कवियों साहित्यकारों को तिलक करके अंग वस्त्रम एवं नव वर्ष का पंचांग प्रदान कर सम्मानित किया। कार्यक्रम में मुख्य रूप से देवेंद्र प्रकाश ओझा एडवोकेट पूर्व अध्यक्ष वकील परिषद, डॉ अवंतिका पांडे, डॉ विवेक पांडेय, डा अंकिता पांडे, आरविका पांडे उर्फ छोटेलाल सरकार, अजय कुमार उपाध्याय सहित अनेक लोग उपस्थित रहे। संचालन सुरेश नारायण दुबे एडवोकेट व्योम ने किया।













