रायपुर, 30 जुलाई 2025। नेक्स्ट्रा बाय एयरटेल और एएमपीआईएन एनर्जी ट्रांज़िशन ने इंटर-स्टेट ट्रांसमिशन सिस्टम (आईएसटीएस) के ज़रिए 125.65 मेगावॉट सोलर-विंड हाइब्रिड एनर्जी की आपूर्ति के लिए नया पावर-व्हीलिंग एमओयू किया है। इस साझेदारी के साथ दोनों कंपनियों का कुल रिन्यूएबल एनर्जी सहयोग 200 मेगावॉट से अधिक हो गया है। यह कदम नेक्स्ट्रा के डेटा सेंटर्स की इंफ्रास्ट्रक्चर दक्षता बढ़ाएगा, डी-कार्बनाइजेशन को गति देगा और सस्टेनेबल डेटा सेंटर सॉल्यूशंस में भारत में उसकी अग्रणी स्थिति को और मज़बूत करेगा।
यह अतिरिक्त क्षमता दो चरणों में उपलब्ध होगी। पहले राजस्थान और फिर कर्नाटक में कैप्टिव सोलर-विंड प्रोजेक्ट्स के माध्यम से। एएमपीआईएन पहले से उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र और ओडिशा में इन्ट्रा-स्टेट ओपन एक्सेस के ज़रिए नेक्स्ट्रा को सोलर पावर सप्लाई कर रहा है। नए समझौते के तहत, एएमपीआईएन 11 और राज्यों में विस्तार करेगा, जिससे बड़े पैमाने पर आईएसटीएस-आधारित रिन्यूएबल एनर्जी की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित होगी।
नेक्स्ट्रा बाय एयरटेल के सीईओ आशीष अरोड़ा ने कहा, एएमपीआईएन के साथ 200 मेगावॉट से अधिक रिन्यूएबल एनर्जी से अपने डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर को पावर देकर हम इंडस्ट्री में नए मानक स्थापित कर रहे हैं। यह साझेदारी न केवल भरोसेमंद सेवाएं प्रदान करती है, बल्कि जलवायु पर सकारात्मक प्रभाव भी डालती है। हमारा लक्ष्य डिजिटल विकास के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देना है।
एएमपीआईएन एनर्जी ट्रांज़िशन के फाउंडर, एमडी और सीईओ पिनाकी भट्टाचार्य ने कहा, हमारी साझेदारी दिखाती है कि सही रिन्यूएबल एनर्जी समाधानों से किसी भी ग्राहक को लगभग सौ फीसदी ग्रीन एनर्जी पर स्विच किया जा सकता है। नेक्स्ट्रा के साथ मिलकर हम डेटा सेंटर्स को हरित बनाने पर गर्व करते हैं।
नेक्स्ट्रा, अपने नेट जीरो कमिटमेंट और वैश्विक आरई100 पहल के तहत, 100% बिजली नवीकरणीय स्रोतों से प्राप्त करने वाला भारत का पहला डेटा सेंटर बन चुका है।
















