लखनऊ, 13 दिसंबर 2025। भारतीय जनता पार्टी में संगठनात्मक बदलाव की प्रक्रिया के तहत पंकज चौधरी का उत्तर प्रदेश भाजपा के नए प्रदेश अध्यक्ष के रूप में चुना जाना लगभग तय माना जा रहा है। शनिवार को उन्होंने चुनाव अधिकारी विनोद तावडे के समक्ष राज्य भाजपा अध्यक्ष पद के लिए अपना नामांकन पत्र दाखिल किया। अब केवल औपचारिक घोषणा शेष है, जिसे जल्द ही पार्टी की ओर से किया जाएगा।
पंकज चौधरी के नामांकन के दौरान पार्टी के कई वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी और समर्थन ने उनके निर्विरोध चुने जाने की संभावनाओं को और मजबूत कर दिया है। उनके प्रस्तावकों में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य, उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक, पूर्व केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी, मंत्री स्वतंत्र देव सिंह, सूर्य प्रताप शाही, सुरेश खन्ना और बेबी रानी मौर्य जैसे प्रमुख नेता शामिल हैं। इतने बड़े और प्रभावशाली नेताओं का समर्थन मिलना यह संकेत देता है कि पार्टी नेतृत्व उनके नाम पर पूरी तरह सहमत है।
पार्टी सूत्रों के अनुसार, पंकज चौधरी को संगठन और सरकार के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने की जिम्मेदारी सौंपी जाएगी। उत्तर प्रदेश जैसे बड़े राज्य में आगामी चुनावों और संगठनात्मक विस्तार को ध्यान में रखते हुए भाजपा नेतृत्व एक मजबूत और अनुभवी चेहरे को आगे लाना चाहता था। पंकज चौधरी लंबे समय से पार्टी संगठन से जुड़े रहे हैं और जमीनी स्तर पर कार्यकर्ताओं के बीच उनकी अच्छी पकड़ मानी जाती है।
भाजपा में प्रदेश अध्यक्ष का पद संगठनात्मक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। प्रदेश अध्यक्ष न केवल पार्टी की नीतियों को जमीन पर उतारने का कार्य करता है, बल्कि बूथ स्तर से लेकर प्रदेश स्तर तक संगठन को मजबूत करने में भी अहम भूमिका निभाता है। ऐसे में पंकज चौधरी के चयन से पार्टी कार्यकर्ताओं में नया उत्साह देखने को मिल सकता है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि पंकज चौधरी का प्रदेश अध्यक्ष बनना भाजपा की आगामी रणनीति का हिस्सा है। उनके नेतृत्व में पार्टी उत्तर प्रदेश में अपने संगठन को और सशक्त करने के साथ-साथ सरकार की उपलब्धियों को जन-जन तक पहुंचाने पर जोर देगी। नामांकन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद अब सभी की नजरें औपचारिक घोषणा पर टिकी हैं, जिसके साथ ही उत्तर प्रदेश भाजपा को नया प्रदेश अध्यक्ष मिल जाएगा।















