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वक्ता मंच की देशभक्तिपूर्ण काव्य गोष्ठी में 62 कवियों ने पढ़ी रचनाएं

वक्ता मंच की देशभक्तिपूर्ण काव्य गोष्ठी में 62 कवियों ने पढ़ी रचनाएं

रायपुर, 31 अगस्त 2025। सामाजिक व साहित्यिक संस्था वक्ता मंच द्वारा देशभक्तिपूर्ण काव्य गोष्ठी का आयोजन राजधानी के वृन्दावन सभागृह में किया गया। मंच के अध्यक्ष राजेश पराते ने बताया कि रायपुर, सिमगा, दुर्ग, राजिम एवं बेमेतरा से आए हुए 62 कवियों ने हिंदी व छत्तीसगढ़ी में काव्य पाठ किया। जरा याद करो कुर्बानी विषय पर हुई इस काव्य गोष्ठी के मुख्य अतिथि वरिष्ठ पत्रकार पं. पीके त्रिपाठी थे।

अध्यक्षता वरिष्ठ कवयित्री शुभा शुक्ला ‘निशा’ ने की। वरिष्ठ पत्रकार राजकुमार धर द्विवेदी एवं समाज सेविका ज्योति शुक्ला ने विशिष्ट अतिथि की आसंदी को सुशोभित किया। कार्यक्रम में राजेश शर्मा एवं करण बघेल को नवोदित रचनाकार सम्मान से नवाजा गया। इस अवसर पर वक्ता मंच की संरक्षिका ज्योति शुक्ला के जन्मदिन को उत्सवित किया गया। संचालन वक्ता मंच के अध्यक्ष राजेश पराते एवं संयोजन व आभार प्रदर्शन संयोजक शुभम साहू द्वारा किया गया।

आदित्य बर्मन आजाद ने मैं दीवाना हूं शहीदों का, वीरों की पुकार लिखूंगा… पंक्तियां पढ़कर लोगों में जोश भर दिया। शिवानी मैत्रा ने जिनकी वजह से लिखी गई आजाद भारत की कहानी, आज हम सब याद करे ऐसे वीरों की कुर्बानी… पढ़कर माहौल को देशभक्तिमय बना दिया। मधु तिवारी ने मजहबी आग जो लगी थी कहीं तुम लहू सींचकर बुझाते रहे, संकट आया जब भी देश में तुम अपने प्राणों की बाजी लगाते रहे… पंक्तियां पढ़कर देशभक्तों को याद किया।

देर शाम तक चली इस महफिल में शुभम साहू, घासी राम रात्रे, गंगा शरण पासी, करण बघेल, शिवानी मैत्रा, कमल सूर्यवंशी, डॉ. कमल वर्मा, जी आर पारकर, आर. एस. सेन, सुषमा पटेल, मधु तिवारी, तामेश्वर साहू, रामचंद्र श्रीवास्तव, अचर्ना श्रीवास्तव, कुमार जगदलवी, रुनाली चक्रवर्ती, वीरेंद्र शर्मा ‘ अनुज ‘, राजेंद्र रायपुरी, सुनीता वैष्णव, मोहित कुमार शर्मा, मयूराक्षी मिश्रा, सत्येंद्र तिवारी ‘ सकुति ‘, राहुल कलिहारी, विवेक भट्ट आशा परशुराम, प्रमोद पटले, सूर्यकांत देवांगन ‘ प्रचंड ‘, शायर रवि, प्रतीक कश्यप, उमराव सिंह वर्मा, अंचित पटले, आरव शुक्ला, सिद्धांत शुक्ला, अनिल राय ‘ भारत ‘, जागृति मिश्रा, डॉ महेंद्र ठाकुर, मोहम्मद हुसैन, महेंद्र बेजुबा, नौरीन नाज, डॉ गोपा शर्मा, आदित्य बर्मन आजाद, यशवंत यदु यश, राजेश शर्मा, नूतनलाल साहू, चंद्रहास सेन, सुप्रिया शर्मा, दीपमाला पाण्डेय, संजय देवांगन, लोकनाथ साहू, सी एल दुबे, अदिति तिवारी, चंद्रकला त्रिपाठी, प्रीतिरानी तिवारी, मोहन श्रीवास्तव एवं शोभा मोहन श्रीवास्तव सहित 62 कवियों ने अपनी प्रस्तुतियां दी।