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Patwari case

भू-अर्जन मुआवजे के लिए 1.80 लाख रिश्वत लेते पटवारी गिरफ्तार

रायपुर, 30 अक्टूबर 2025। आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (एसीबी) बिलासपुर ने भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए एसडीएम कार्यालय चांपा की भू-अर्जन शाखा में पदस्थ अमीन पटवारी बिहारी सिंह और कंप्यूटर आॅपरेटर राजकुमार देवांगन को 1 लाख 80 हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई 30 अक्टूबर की दोपहर एसडीएम परिसर में हुई, जिससे पूरे कार्यालय और आसपास के इलाके में हड़कंप मच गया।

मामला ग्राम रायपुरा (जिला सक्ती) के किसान बुधराम धीवर से जुड़ा है। उनकी और उनकी बहन के नाम पर ग्राम कोसमंदा (जिला जांजगीर-चांपा) में स्थित लगभग 0.50 हेक्टेयर जमीन नेशनल हाइवे निर्माण के लिए अधिगृहित की गई थी। भू-अर्जन अधिकारी ने अगस्त 2025 में 35 लाख 64 हजार 99 रुपये मुआवजा राशि उनके संयुक्त खाते में जमा की। लेकिन भुगतान के बाद अमीन पटवारी बिहारी सिंह और आपरेटर राजकुमार देवांगन ने किसान को धमकाते हुए कहा कि राशि निकलवाने में हमने मदद की है, इसलिए 1 लाख 80 हजार रुपये हमें देने होंगे।

बार-बार धमकी और परेशानी से तंग आकर बुधराम धीवर ने 16 अक्टूबर को एसीबी बिलासपुर में लिखित शिकायत दर्ज कराई और आरोपियों को रंगे हाथ पकड़वाने की इच्छा जताई।एसीबी ने शिकायत का गहन सत्यापन किया। आवेदन सही पाए जाने पर डीएसपी अजितेश सिंह के नेतृत्व में ट्रैप टीम गठित की गई। 30 अक्टूबर को बुधराम को विशेष निशानयुक्त 1.80 लाख रुपये की राशि लेकर भेजा गया। जैसे ही अमीन पटवारी बिहारी सिंह ने कार्यालय परिसर में रिश्वत की रकम अपने हाथों में ली, उसी क्षण एसीबी टीम ने छापा मार दिया।

दोनों आरोपियों को मौके पर धर दबोचा गया। तलाशी में बिहारी सिंह के पास से पूरी रिश्वत राशि बरामद कर ली गई। राजकुमार देवांगन भी सांठगांठ में शामिल पाया गया।गिरफ्तारी के तुरंत बाद एसीबी ने दोनों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 की धारा 7 (रिश्वत लेना) और धारा 12 (रिश्वत दिलवाना) के तहत अपराध पंजीबद्ध किया। डीएसपी अजितेश सिंह ने बताया, यह कार्रवाई भ्रष्टाचार के प्रति हमारी जीरो टॉलरेंस नीति का हिस्सा है। किसानों के हक पर डाका डालने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने कहा कि जांच में अन्य अधिकारियों की संलिप्तता भी परखी जा रही है।

भू-अर्जन प्रक्रिया में पारदर्शिता पर सवाल

इस घटना ने भू-अर्जन प्रक्रिया में पारदर्शिता पर सवाल खड़े किए हैं। किसान बुधराम ने मीडिया से कहा, मुआवजा हमारा हक था, लेकिन इन्होंने इसे व्यापार बना लिया। एसीबी ने मुझे न्याय दिलाया। स्थानीय नागरिकों ने भी कार्रवाई की सराहना की है। जिला प्रशासन ने एसडीएम कार्यालय में तत्काल जांच के आदेश दिए हैं। एसीबी के अनुसार, वर्ष 2025 में अब तक भू-अर्जन और मुआवजा मामलों में 18 रिश्वतखोरी की शिकायतें मिलीं, जिनमें से 7 में सफल ट्रैप हो चुके हैं। यह कार्रवाई न केवल दोषियों को सजा दिलाएगी, बल्कि अन्य भ्रष्ट कर्मियों के लिए चेतावनी भी बनेगी। एसीबी ने आमजन से अपील की है कि रिश्वत की किसी भी मांग पर तुरंत शिकायत करें। हेल्पलाइन नंबर 9458741122 पर कॉल या एसएमएस करें।