नई दिल्ली, 22 फरवरी 2025। भारत में पेट्रोल और डीजल संस्ते होने की संभावना बढ़ गयी है। केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने इस संबंध में सकारात्मक संकेत दिए हैं। श्री पुराी ने बताया कि अमेरिका सहित वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की आपूर्ति बढ़ने के कारण ईंधन की कीमतों में गिरावट आ सकती है, जिससे मुद्रास्फीति पर भी नियंत्रण पाने में मदद मिलेगी।
हरदीप सिंह पुरी ने यह भी स्पष्ट किया कि भारत का उद्देश्य तेल खरीद में डॉलर के इस्तेमाल को खत्म करना नहीं है। उन्होंने कहा, अधिकांश लेनदेन डॉलर में होते हैं और यह हमेशा से चला आ रहा है।
अमेरिका में कच्चे तेल के उत्पादन को लेकर ट्रंप प्रशासन ने ड्रिल, बेबी, ड्रिल नीति को प्राथमिकता दी है। इस नीति के तहत अधिक ड्रिलिंग और तेल उत्पादन पर जोर दिया जा रहा है, जिससे अंतरराष्ट्रीय तेल की कीमतों में गिरावट संभव हो सकती है।
पेट्रोलियम मंत्री ने कहा, भारत का प्राथमिक उद्देश्य मुद्रास्फीति को नियंत्रित करने के लिए सस्ती दरों पर पर्याप्त मात्रा में तेल खरीदना है। वैश्विक ऊर्जा स्थिति में सुधार के चलते भारत में भी ईंधन की कीमतों में राहत मिलने की उम्मीद है।
ये हैं तेल कीमतों कमी की तीन वजह
- वैश्विक स्तर पर तेल उत्पादन में वृद्धि हो रही है, जिससे कीमतों में गिरावट की संभावना है।
- भारत ने अमेरिका में डोनाल्ड ट्रंप के नेतृत्व वाले नए प्रशासन से संपर्क स्थापित कर लिया है, जिससे दोनों देशों के बीच ऊर्जा संबंध मजबूत हो सकते हैं।
- भारत विभिन्न देशों से तेल आयात करता है, जिससे कीमतों पर नियंत्रण में मदद मिल सकती है।