प्रतापगढ़, 2 अगस्त 2025। कठिन परिश्रम और सच्ची लगन से हर हुनर को निखारा जा सकता है, और यही सफलता की कुंजी है। यह बात सुप्रसिद्ध पार्श्व गायक और इंडियन आइडल 2 के फाइनलिस्ट रवि त्रिपाठी ने बेल्हा के बाबागंज स्थित होटल स्नेह में शनिवार को मीडिया से बातचीत में कही। सुरेश वाडकर के शिष्य रवि ने गायकी में देश-विदेश में बेल्हा का नाम रौशन किया है। उन्होंने कहा कि समय के साथ तालमेल और मेहनत से कोई भी क्षेत्र में शिखर तक पहुंच सकता है। अपनी सफलता का श्रेय माता-पिता के आशीर्वाद और बेल्हावासियों के स्नेह को देते हुए उन्होंने शॉर्टकट से बचने की सलाह दी।
रवि ने हाल ही में रिलीज हिंदी फिल्म ‘संत तुकाराम’ में अपने गीत ‘माऊली-माऊली’ से खूब वाहवाही बटोरी। यह फिल्म महाराष्ट्र के संत तुकाराम के जीवन पर आधारित है, जो समाज में एकता का संदेश देती है। रवि ने बताया कि इस फिल्म में संगीत देना और गाना उनके लिए सौभाग्य की बात रही। इससे पहले, उन्होंने 2010 में गुआंगझाऊ एशियन गेम्स के समापन समारोह में भारत का प्रतिनिधित्व किया, ‘देवों के देव महादेव’ और ‘शिरडी साईं बाबा’ जैसे धारावाहिकों में गीत गाए, और अक्षय कुमार की फिल्म ‘चांदनी चौक टू चाइना’ में बप्पी लहरी के लिए गाना गाया। वह नेहा कक्कड़ के साथ ‘क्लोजअप परफॉर्मर’ रियलिटी शो भी होस्ट कर चुके हैं।
वर्तमान में उनकी वेब सीरीज ‘फौजी-2’ का गीत ‘मिजाज बड़ा’ दर्शकों में लोकप्रिय है। रवि ने सुरेश वाडकर, सोनू निगम, कैलाश खेर जैसे दिग्गजों के साथ कई फिल्मों में संगीत दिया है। सामाजिक कार्यों में सक्रिय रवि लालगंज में संगीत विद्यालय भी संचालित करते हैं, जहां वह बेल्हा की प्रतिभाओं को निखार रहे हैं। उनकी सादगी और सौम्यता लोगों के दिलों में बसी है। प्रेस वार्ता के आयोजक शिवेश कुमार शुक्ल ने सभी का आभार जताया। इस अवसर पर रवि के पिता श्रीकृष्ण त्रिपाठी, दिनेश शर्मा, राघवेंद्र नाथ शुक्ल सहित कई सहयोगी मौजूद रहे।













