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PM Modi calls opponents 'panic-mongers' over LPG issue.

LPG पर विरोधियों को पीएम मोदी ने ‘पैनिक’ फैलाने वाला कहा, कांग्रेस को दी नेहरू के भाषण सुनने की सलाह

गुवाहाटी, 13 मार्च 2026। मिडिल ईस्ट में अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के कारण वैश्विक सप्लाई चेन बाधित हुई है, जिसका असर भारत में LPG की उपलब्धता पर भी दिख रहा है। इस संकट को लेकर कांग्रेस के हमलों के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुवाहाटी से करारा पलटवार किया है।

असम में ‘किसान सम्मान निधि’ की राशि जारी करने के अवसर पर पीएम मोदी ने बिना नाम लिए विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि संकट के समय ‘पैनिक’ फैलाने वाले लोग खुद को बेनकाब कर रहे हैं। प्रधानमंत्री ने कांग्रेस की आलोचनाओं का जवाब देने के लिए देश के प्रथम प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू के एक पुराने संबोधन का सहारा लिया।

पीएम मोदी ने कहा, मैं कांग्रेस के सदस्यों से आग्रह करता हूं कि वे पंडित नेहरू का 15 अगस्त का एक भाषण सुनें, शायद वह आपके लिए ज्ञानवर्धक साबित हो। नेहरू जी ने तब स्वीकार किया था कि दक्षिण और उत्तर कोरिया के बीच चल रहे युद्ध के कारण भारत में महंगाई बढ़ रही है। इस संदर्भ के जरिए प्रधानमंत्री ने यह स्पष्ट करने की कोशिश की कि वैश्विक भू-राजनीतिक तनावों का असर घरेलू अर्थव्यवस्था और आपूर्ति पर पड़ना कोई नई बात नहीं है, बल्कि यह दशकों से होता आया है।

सप्लाई चेन और आत्मनिर्भरता पर जोर

प्रधानमंत्री ने गुवाहाटी में जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि बीते एक दशक में बीजेपी-एनडीए सरकार ने ‘आत्मनिर्भरता’ को लेकर जो ठोस कदम उठाए हैं, वे आज संकट के समय ढाल बन रहे हैं। उन्होंने कहा कि आजाद भारत में हमने बार-बार देखा है कि जब दुनिया के दूसरे हिस्सों में युद्ध होते हैं, तो सप्लाई चेन टूटने का खामियाजा हमारे किसानों को भुगतना पड़ता है।

दशकों तक कांग्रेस ने देश को आयात पर निर्भर रखा, जिससे खाद और डीजल की कीमतें बढ़ती रहीं। पीएम ने जोर दिया कि उनकी सरकार ने कृषि क्षेत्र को बाहरी संकटों से बचाने के लिए घरेलू उत्पादन और आत्मनिर्भरता को प्राथमिकता दी है, ताकि वैश्विक उतार-चढ़ाव का सीधा बोझ आम नागरिक पर न पड़े।

LPG संकट पर छिड़ी है राजनीतिक जंग

गौरतलब है कि पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी द्वारा देश में एलपीजी की आंशिक कमी की बात स्वीकार किए जाने के बाद से कांग्रेस केंद्र सरकार पर हमलावर है। कांग्रेस इसे सरकार की ‘कुप्रबंधन’ बता रही है। हालांकि, पीएम मोदी ने अपने संबोधन में सीधे तौर पर ‘LPG’ शब्द का उपयोग तो नहीं किया, लेकिन नेहरू के उदाहरण और सप्लाई चेन की बाधाओं का जिक्र कर यह साफ कर दिया कि वतर्मान चुनौतियां वैश्विक परिस्थितियों की देन हैं।

प्रधानमंत्री का यह बयान ऐसे समय आया है जब सरकार ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए वैकल्पिक मार्गों और रणनीतिक भंडारों का उपयोग कर रही है। पीएम ने आश्वस्त किया कि देश इन चुनौतियों से निपटने में सक्षम है और जनता को अफवाहों से बचना चाहिए।