नई दिल्ली, 18 जनवरी 2026। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी रविवार, 18 जनवरी को भाजपा शासित राज्यों के मुख्यमंत्रियों और उपमुख्यमंत्रियों के साथ एक महत्वपूर्ण कान्क्लेव में संवाद करेंगे। यह बैठक नई दिल्ली में आयोजित की जा रही है, जिसमें देशभर से भाजपा शासित सभी राज्यों के सीएम और डिप्टी सीएम शामिल हो रहे हैं। अचानक बुलाए गए इस कान्क्लेव को लेकर राजनीतिक और संगठनात्मक हलकों में चर्चाएं तेज हो गई हैं।
पार्टी सूत्रों के अनुसार, इस बैठक के पीछे संगठनात्मक और प्रशासनिक, दोनों स्तरों पर अहम संदेश देने की तैयारी है। पहला कारण भाजपा के राष्ट्रीय नेतृत्व से जुड़ा बताया जा रहा है। 20 जनवरी को पार्टी अपने नए राष्ट्रीय अध्यक्ष के चयन की प्रक्रिया शुरू करने जा रही है। ऐसे में माना जा रहा है कि नेतृत्व परिवर्तन से पहले राज्यों के मुख्यमंत्रियों और उपमुख्यमंत्रियों के साथ समन्वय और रणनीति पर चर्चा के उद्देश्य से यह कान्क्लेव आयोजित किया गया है। सूत्रों का कहना है कि नए अध्यक्ष के नाम को लेकर राज्यों में एकजुटता और स्पष्ट संदेश देना भी इस बैठक का अहम एजेंडा हो सकता है।
दूसरा पहलू प्रशासनिक अनुशासन और जवाबदेही से जुड़ा माना जा रहा है। हाल के दिनों में इंदौर में दूषित पेयजल आपूर्ति, छत्तीसगढ़ में धान भंडारण से जुड़ा विवाद और उत्तर प्रदेश के वाराणसी में प्राचीन मूर्तियों को लेकर फैली अफवाहों जैसे मामलों ने सरकारों की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए हैं। पार्टी के वरिष्ठ नेताओं का मानना है कि इन घटनाओं से यह संकेत मिला है कि कुछ राज्यों में नौकरशाही पर राजनीतिक नियंत्रण को और मजबूत करने की आवश्यकता है।
सूत्र बताते हैं कि प्रधानमंत्री मोदी इस कान्क्लेव में मुख्यमंत्रियों और उपमुख्यमंत्रियों से सीधे संवाद करेंगे और प्रशासनिक सतर्कता, अनुशासन तथा जनहित से जुड़े मामलों में त्वरित कार्रवाई पर जोर दे सकते हैं। बैठक में केंद्र और राज्यों के बीच बेहतर तालमेल, संगठनात्मक मजबूती और आगामी राजनीतिक चुनौतियों को लेकर भी चर्चा होने की संभावना है।
दिल्ली में हो रहे इस जमावड़े को भाजपा के भीतर आने वाले फैसलों और राज्यों को दिए जाने वाले स्पष्ट दिशा-निर्देशों के लिहाज से अहम माना जा रहा है।
















