गौरा (प्रतापगढ़), 31 मार्च 2026। गर्मी और बरसात के दस्तक देते ही संक्रामक रोगों का खतरा बढ़ जाता है। इन बीमारियों से नागरिकों को बचाने के लिए उत्तर प्रदेश शासन के निर्देश पर 1 से 30 अप्रैल तक संचारी रोग नियंत्रण अभियान चलाया जाना है। इसी क्रम में प्रतापगढ़ जिले के गौरा विकास खंड में तैयारियों को लेकर बैठक आयोजित की गई।
30 मार्च को गौरा विकास खंड के सभागार में आयोजित इस महत्वपूर्ण बैठक का उद्देश्य स्वास्थ्य विभाग के साथ शिक्षा, पंचायत और महिला एवं बाल विकास जैसे अन्य विभागों का समन्वय स्थापित करना था।
बैठक में खंड विकास अधिकारी के प्रतिनिधि के रूप में एडीओ रसीद अहमद और सीएचसी अधीक्षक के प्रतिनिधि के रूप में डॉ. निलेश कुमार, बीएमसी नरेन्द्र कुमार मिश्र उपस्थित रहे। हैरानी की बात यह रही कि अभियान में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले अन्य संबंधित विभागों से न तो अधिकारी पहुंचे और न ही उनका कोई प्रतिनिधि। यह स्थिति तब है जब मुख्यमंत्री स्तर से इस अभियान को सफल बनाने के कड़े निर्देश दिए गए हैं।
ग्राम प्रधानों और पंचायत सचिवों ने दिखाई सक्रियता
जहां एक ओर सरकारी विभागों के बड़े अधिकारी बैठक से नदारद रहे, वहीं ग्राम प्रधानों और पंचायत सचिवों की उपस्थिति सराहनीय रही। स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने संक्रामक रोगों से लड़ने के लिए अपनी प्रतिबद्धता दिखाई।
बीएमसी नरेन्द्र कुमार मिश्र ने बैठक के दौरान अभियान के खाके पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने बताया कि 1 से 30 अप्रैल पूरे माह संचारी रोग नियंत्रण अभियान संचालित होगा। 10 से 30 अप्रैल इस दौरान विशेष दस्तक अभियान चलाया जाएगा, जिसमें स्वास्थ्य कर्मी घर-घर जाकर बीमारियों के लक्षणों की पहचान करेंगे।
क्या है अभियान का उद्देश्य
नरेन्द्र मिश्र ने प्रधानों और सचिवों को बताया कि गांव स्तर पर स्वच्छता, नालियों की सफाई और एंटी-लार्वा छिड़काव में उनकी भूमिका सबसे अहम है। उन्होंने जोर दिया कि यदि पंचायत स्तर पर जागरूकता फैलाई जाए, तो मलेरिया, डेंगू और दिमागी बुखार जैसे रोगों पर समय रहते लगाम लगाई जा सकती है।
सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र (CHC) स्तर पर अभियान की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। स्वास्थ्य विभाग अकेले इस बड़ी जंग को नहीं जीत सकता; इसके लिए शिक्षा विभाग (स्कूलों में जागरूकता), पंचायत राज (सफाई) और बाल विकास विभाग (पोषण) का साथ होना अनिवार्य है।