प्रतापगढ़, 2 अप्रैल 2025। एनएमओपीएस के राष्ट्रीय अध्यक्ष विजय बन्धु तथा अटेवा द्वारा राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली (एनपीएस) और एकीकृत पेंशन योजना (यूपीएस) का लगातार विरोध किया जा रहा है। इसी क्रम में, एनएमओपीएस के केंद्रीय नेतृत्व के निर्णय के अनुसार, 1 अप्रैल 2025 को भारत सरकार द्वारा लागू की गई एकीकृत पेंशन योजना के विरोध में काला दिवस मनाया गया। इस दौरान केंद्र एवं उत्तर प्रदेश सरकार के सभी सरकारी सेवकों ने अपने कार्यस्थलों पर काला फीता बांधकर अपने कार्यों का शांतिपूर्वक निर्वहन किया।
प्रतापगढ़ में अटेवा पदाधिकारियों, शिक्षकों, कर्मचारियों और विभिन्न संगठनों द्वारा एनपीएस और यूपीएस के विरोध में एक शांतिपूर्ण मार्च निकाला गया। इसके पश्चात, जिलाधिकारी के माध्यम से प्रधानमंत्री एवं मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपा गया, जिसमें सरकारी कर्मचारियों की पीड़ा व्यक्त करते हुए एनपीएस और यूपीएस से होने वाले नुकसान के बारे में अवगत कराया गया। साथ ही, सरकार से पुरानी पेंशन योजना (ओपीएस) बहाल करने का अनुरोध किया गया।
इस विरोध प्रदर्शन में उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ (एकजुट), डिप्लोमा फार्मासिस्ट एसोसिएशन, लोक निर्माण विभाग, पंचायती राज विभाग, राजस्व विभाग, सिंचाई विभाग, अमीन संघ सहित कई संगठनों ने समर्थन एवं सहभागिता दर्ज की।
अटेवा जिला संयोजक सी. पी. राव ने कहा कि संगठन लगातार एनपीएस और यूपीएस का विरोध कर रहा है और पुरानी पेंशन योजना लागू करने की मांग कर रहा है।
जिला महामंत्री विनय सिंह ने कहा कि जब सांसदों और विधायकों को पुरानी पेंशन दी जा सकती है तो कर्मचारियों को क्यों नहीं?
जिला उपाध्यक्ष सुरेन्द्र विमल ने एनपीएस और यूपीएस से होने वाले राष्ट्रीय नुकसान की ओर ध्यान दिलाया और कहा कि इसका एकमात्र समाधान ओपीएस की बहाली है।
जिला संयोजिका पार्वती विश्वकर्मा ने सभी कर्मचारियों से इस आंदोलन में लगातार सहयोग बनाए रखने की अपील की।
अटेवा संरक्षक एवं मण्डलीय महामंत्री डॉ. विनोद त्रिपाठी ने समस्त कर्मचारियों का आभार व्यक्त किया और कहा कि जब तक ओपीएस बहाल नहीं होगी, तब तक संघर्ष जारी रहेगा। उन्होंने यह भी घोषणा की कि 1 मई को दिल्ली में धरना प्रदर्शन किया जाएगा।
इस विरोध प्रदर्शन में अखिलेश कुमार, वेद प्रकाश, सुरजीत, रजनीश, ओंकारनाथ, मदन सिंह, जीतेंद्र, प्रदीप, शोभा, विनीता, दिनेश, ओम प्रकाश, राजेन्द्र, संजय, विजय, शरद, राम मिलन, उदय सिंह, राजेश, बबलू सोनी, लालमणि, जितेन्द्र शर्मा, दिनेश सरोज, अखिलेश, मदन सिंह, अनिल पाण्डेय, करुणेश सिंह, शोभा शर्मा, मनोज यादव, शिवराम, संजय यादव, दिनेश, दिनेश चौधरी, सुशील जी, उदयराज सिंह, सत्येंद्र आदित्य, अश्वनी श्रीवास्तव, राघवेंद्र पाण्डेय, शैलेन्द्र सिंह, त्रिभुवन प्रजापति, भूपेन्द्र गुलशन, निगम, वेद आर्यन, बसंत कुमार, आनंद, अरविन्द, करुणा शंकर, प्रेम सागर, डॉ. राघवेंद्र पांडे, प्रधानाचार्य इंटर कॉलेज कटैया, त्रिभुवन नाथ, राजेश श्रीवास्तव, धर्मेंद्र सिंह, आशीष मिश्र, मनीष तिवारी, मदन मोहन तिवारी, त्रिलोचन शुक्ल, जय प्रकाश सरोज, उमेश तिवारी, चंद्रभान, इकबाल अहमद, लालजी यादव, तेजस्वी प्रताप, अरविंद विंड, डॉ. सुशील, राजेंद्र वर्मा, संत कुमार वर्मा, संदीप कुमार, करुणा शंकर, डॉ. ओमप्रकाश गौतम, राम विशाल पाल, राम मिलन, रज्जन लाल, धनंजय प्रसाद, अखिलेश सरोज, अमृत लाल, सत्येंद्र सिंह, राम शिरोमणि यादव, संजय सरोज, दिनेश कुमार, आनंद कुमार, अश्विनी कुमार, वाल्मीकि सरोज, संदीप यादव, दिनेश कुमार शर्मा, अरविंद कुमार, उदय सिंह, राजेश नागर, आलोक कुमार गुप्ता, दिनेश सरोज, राम संजीवन, महेश मणि, प्रदीप सरोज, तारा मिश्र, हीरा लाल वर्मा, वेद प्रकाश निगम, दीपक चंद्र सेन, राज कुमार विश्वकर्मा, रंजीत सरोज, प्रेम सागर धुरिया, विजय संकर गुप्ता, हौसला प्रसाद चौरसिया, संजय सरोज, धर्मराज पटेल, उदय राज सिंह, मनोज कुमार, अमित कुमार, अश्विनी श्रीवास्तव, विनोद कुमार, कृष्ण कुमार विश्वकर्मा, बसंत सरोज, डॉ. अनिल पांडे, राम नारायण, राकेश यादव, राम किशुन सिंह, शरद सिंह, जय प्रताप यादव, सुरेश कुमार, अमृत लाल, भूपेंद्र कुमार गुलशन, धर्मराज, सुलोचना राव, राकेश कुमार, संजीत सरोज, संजय सरोज, राज करण वासुदेव, लाल मणि यादव, अशोक सरोज, केशव प्रसाद, छोटेलाल, कमलेंद्र कुशवाहा, अश्विनी कुमार, संजय श्रीवास्तव, रामलाल गुप्ता, शैलेन्द्र प्रताप सिंह, दिनेश चौधरी सहित कई कर्मचारी उपस्थित रहे।