प्रतापगढ़, 8 जुलाई 2025। उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ, जनपद प्रतापगढ़ ने प्रांतीय नेतृत्व के आह्वान पर जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय के समक्ष एकदिवसीय धरना आयोजित किया। धरने की अध्यक्षता जिला अध्यक्ष रमाशंकर शुक्ल ने की, जबकि संचालन प्राथमिक विद्यालय डेरवा के प्रधानाध्यापक प्रभा शंकर पाण्डेय ने किया। इस अवसर पर माध्यमिक शिक्षक संघ के जिला अध्यक्ष आलोक शुक्ला, जिला मंत्री शैलेंद्र, संरक्षक रामचंद्र सिंह, पूर्व जिला अध्यक्ष अनिल सिंह सहित हजारों शिक्षक उपस्थित रहे।
रमाशंकर शुक्ल ने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार का हजारों विद्यालय बंद करने का निर्णय समाज और शिक्षा के हित में नहीं है। यह बच्चों की शिक्षा के साथ खिलवाड़ है और हजारों प्रधानाध्यापकों के पदों व रसोइयों की सेवाओं को समाप्त करने वाला क्रूर कदम है। जिला मंत्री विनय सिंह ने परिषदीय विद्यालयों को बंद करने को समाज के लिए धोखा बताया और कहा कि मजबूत शिक्षा ही राष्ट्र को सशक्त बनाती है। उन्होंने 1 अप्रैल 2005 से पहले और बाद में नियुक्त शिक्षकों को पुरानी पेंशन योजना से जोड़ने की मांग भी उठाई।
प्रयागराज मंडल के मंडलीय मंत्री अनिल पांडे ने शिक्षा को मौलिक अधिकार बताते हुए सरकार पर बच्चों को शिक्षा से वंचित करने का आरोप लगाया। जिला कोषाध्यक्ष राजेश पांडे ने कहा कि 6 से 14 वर्ष के बच्चों को मुफ्त शिक्षा का अधिकार है, लेकिन सरकार इसे छीन रही है। विकासखंड शिवगढ़ के अध्यक्ष सत्य प्रकाश पांडे ने शिक्षकों को चिकित्सा सुविधा और पिछले 10 वर्षों से रुकी पदोन्नति न मिलने पर रोष जताया। उन्होंने कहा कि शिक्षक तब तक संघर्ष करेंगे, जब तक सरकार विद्यालय मर्जर नीति वापस नहीं लेती।
धरने के अंत में उप जिलाधिकारी सीमा भारती को मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन सौंपा गया। इस अवसर पर अजीत कुमार, प्रभात मिश्रा, रामानंद, विजय मिश्रा, पंकज तिवारी, पन्ना लाल यादव, शैलेश सिंह, बृजेश सिंह, बलराम पाठक, मनोज पांडे, सफीक, प्रभाकर प्रताप सिंह, मानवेंद्र द्विवेदी, बालेंद्र शुक्ला, राजकरण सरोज, विजय यादव, सुशील तिवारी, मनोज मिश्रा, विष्णु सिंह, रमेश मिश्रा, सतीश, आनंद, कमलेश, राजेश सिंह, फारूक, राशिद, विनोद कुमार, अंगद सरोज, शशिकांत, गोपाल शरण शुक्ला सहित हजारों शिक्षक मौजूद रहे।
















