सुल्तानपुर, 31 मार्च 2026। राजाराम सरस्वती शिशु विद्या मन्दिर, नारायणपुर सुल्तानपुर का शैक्षिक सत्र 2025-26 का रिजल्ट आ गया। विद्यालय परिसर में मेधावी छात्र-छात्राओं को पुरस्कृत कर उनका उत्साहवर्धन किया गया। यह विद्यालय विद्या भारती अखिल भारतीय शिक्षा संस्थान से संबद्ध है।
समारोह के मुख्य अतिथि, गनपत सहाय पीजी कॉलेज के अवकाश प्राप्त प्राचार्य डॉ. काशी प्रसाद द्विवेदी रहे। अध्यक्षता एजी ऑफिस के पूर्व सीनियर अकाउंटेंट हृदय नारायण द्विवेदी ने किया। विद्यालय की वंदना प्रमुख गरिमा पांडेय एवं उनकी सहेलियों ने सुमधुर सरस्वती वंदना और भारत माता की वंदना प्रस्तुत की।
प्रधानाचार्य दिग्विजय नाथ पांडेय ने अतिथियों का परिचय कराया। प्रबंध समिति के अध्यक्ष रामदयाल शुक्ल ने अतिथियों को अंगवस्त्र, स्मृति चिह्न एवं श्रीफल भेंट कर सम्मानित किया।
परीक्षा परिणाम का विवरण
परीक्षा प्रमुख आचार्य राजेश ओझा ने वार्षिक परीक्षा का वृत्त निवेदन प्रस्तुत करते हुए बताया
- कक्षा अरुण से नवम तक 362 परीक्षार्थी पंजीकृत थे, जिनमें से 358 भैया-बहिन परीक्षा में सम्मिलित हुए।
- 86% छात्र प्रथम श्रेणी में उत्तीर्ण हुए।
- 175 भैया-बहिनों ने प्रथम श्रेणी विशेष योग्यता प्राप्त की।
- शिशु वाटिका में अनिद्या मिश्र (95.9%), शिशु मंदिर में हार्दिक मिश्र (85.4%) और विद्या मंदिर में अदिति वर्मा (97.56%) ने प्रथम स्थान प्राप्त किया।
विभिन्न श्रेणियों में दिया गया पुरस्कार
केवल पढ़ाई ही नहीं, बल्कि अनुशासन और अन्य गतिविधियों में भी छात्र अव्वल रहे। अतिथियों द्वारा अनुशासन के लिए विहान प्रजापति, अभिनव यादव व अर्पिता मिश्रा को पुरस्कृत किया गया। सर्वाधिक उपस्थिति के लिए आर्या पांडेय, कुलदीप व रजनीश, जबकि श्रेष्ठ वेशभूषा के लिए प्रगति, समृद्धि व अंजलि को सम्मानित किया गया। विज्ञान, कला और मेंहदी प्रतियोगिता में भी उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छात्रों को प्रशस्ति पत्र दिए गए।
अतिथियों का संदेश
मुख्य अतिथि डॉ. काशी प्रसाद द्विवेदी ने छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि केवल प्रथम या द्वितीय स्थान प्राप्त करना ही लक्ष्य नहीं होना चाहिए, बल्कि अपना एक बड़ा लक्ष्य तय करना और उसके लिए निरंतर परिश्रम करना आवश्यक है।
अध्यक्ष हृदय नारायण द्विवेदी ने अपने परिवार का उदाहरण देते हुए बताया कि उनके चार बच्चों ने शिशु मंदिर (नगाजी मठ, बलिया) से प्रारंभिक शिक्षा पाकर आज आईएएस, सेना में कमांडेंट और माइक्रोसॉफ्ट में इंजीनियर जैसे पदों को सुशोभित किया है। उन्होंने कहा कि शिशु मंदिर में मिलने वाले संस्कार और शिक्षा ही जीवन की असली नींव है।
कार्यक्रम के अंत में प्रबंध समिति के अध्यक्ष रामदयाल शुक्ल ने आभार व्यक्त किया और ‘सर्वे भवन्तु सुखिनः’ के कल्याण मंत्र के साथ समारोह का समापन हुआ।