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राष्ट्रीय विधिक सेवा दिवस पर 2,500 छात्र-छात्राओं को दी गई कानूनी जानकारी

रायपुर, 11 नवंबर 2025। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में राष्ट्रीय विधिक सेवा दिवस पर 11 छात्रावासों में विधिक सेवा शिविर का आयोजन किया गया। इन शिविरा में 2500 छात्र-छात्राओं को कानूनी जानकारी प्रदान की गयी। यह आयोजन राष्ट्रीय एवं राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण की योजनाओं के अनुरूप, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण रायपुर ने किया।

बलराम प्रसाद वर्मा, अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशन और अविनाश कुमार दुबे, सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के मार्गदर्शन में ये शिविर सफलतापूर्वक संपन्न हुए। कुल 11 स्थानों पर आयोजित इन शिविरों में लगभग 2,500 छात्र-छात्राओं को विभिन्न कानूनों की बारीकियों से अवगत कराया गया।

शिविरों का आयोजन शासकीय पोस्ट मैट्रिक छात्रावास शंकर नगर, प्रयास बालिका छात्रावास गुढ़ियारी, प्रयास बालक आवासीय विद्यालय सड्डू, शासकीय पोस्ट मैट्रिक छात्रावास पेंशनवाड़ा, आदर्श शासकीय पोस्ट मैट्रिक अनुसूचित जाति छात्रावास टिकरापारा, संभागीय अनुसूचित जाति आदर्श कन्या आश्रम रायपुरा, पोस्ट मेट्रिक बालक अन्य पिछड़ा वर्ग बोरियाखुर्द, पीएमटी पोस्ट बालक एवं पोस्ट मैट्रिक आदिवासी कन्या छात्रावास रविशंकर विश्वविद्यालय परिसर सहित अन्य स्थानों पर किया गया।

इनमें मुख्य रूप से अनुसूचित जाति, जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग के छात्र-छात्राएं शामिल थे। जिला एवं सत्र न्यायालय रायपुर के न्यायाधीशों ने शिविरों में सक्रिय भूमिका निभाई। इनमें मनोज कुमार ठाकुर, विनय प्रधान, दिग्विजय सिंह, नरेन्द्र कुमार नेताम, श्रीमती अनीता ध्रुव, गिरीश मंडावी, अजय कुमार खाका, अविनाश कुमार दुबे, कु. आकांक्षा बेक, श्रीमती कामिनी वर्मा, विवेक कुमार टंडन, गुरूप्रसाद देवांगन, जेनिफर लकड़ा, विकास खांडे, प्रवीण कुजूर, कु. भामिनी राठी, कु. साक्षी खन्ना, जितेन्द्र कुमार सोनवानी और कु. भावना रिगरी प्रमुख थे।

न्यायाधीशों ने विधि के विविध विषयों पर विस्तार से प्रकाश डाला। मुख्य विषयों में बालिकाओं एवं महिलाओं के विरूद्ध अपराध और उनसे बचाव, टोनही प्रताड़ना निवारण अधिनियम, यातायात अधिनियम, मोटर दावा दुर्घटना अधिनियम, साइबर अपराध, गुड टच-बेड टच, नालसा की विभिन्न स्कीम, पॉक्सो एक्ट, एनडीपीएस एक्ट, रैंगिग एक्ट, बाल तस्करी से संबंधित कानून, बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम, घरेलू हिंसा अधिनियम तथा नि:शुल्क विधिक सहायता शामिल रहे।

छात्र-छात्राओं को इन कानूनों की धाराओं, अधिकारों और बचाव के उपायों की विस्तृत जानकारी दी गई, ताकि वे समाज में व्याप्त अपराधों से स्वयं को सुरक्षित रख सकें। कार्यक्रम की सफलता में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के पैरा लीगल वॉलेंटियर्स का महत्वपूर्ण योगदान रहा।

इनमें राजकुमारी साहू, करण यादव, शिवानी शुक्ला, टोपेन्द्र वर्मा, मंदा रोकड़े, सुप्रभात हलदार, इंद्र कुमार यादव, सुश्री राजेश्वरी जेरी, गजाल परवीन, कोमल वर्मा, मनीष कुमार, संजू वैष्णव, मधु कोरे, राकेश कुमार, सहदेव नेताम, देवेन्द्र धीवर और खेमेन्द्र साहू शामिल थे।

इसके अलावा, संबंधित छात्रावासों के अधीक्षक और शिक्षकों ने पूर्ण सहयोग प्रदान किया, जिससे शिविर सुचारु रूप से संपन्न हो सके।यह आयोजन छात्रावासों में रहने वाले वंचित वर्ग के बच्चों के लिए विशेष रूप से उपयोगी साबित हुआ। इससे न केवल कानूनी जागरूकता बढ़ी, बल्कि नि:शुल्क विधिक सहायता की जानकारी भी प्रसारित हुई। प्राधिकरण के प्रयासों से समाज के कमजोर तबकों तक न्याय की पहुंच मजबूत हुई है।