गौरा (प्रतापगढ़), 9 दिसंबर 2025। प्रतापगढ़ जिले के फतनपुर थाना क्षेत्र के भुजैनी गांव में नहर के गेट पर हुई छिनैती और मारपीट की घटना ने स्थानीय लोगों में दहशत फैला दी है। पीड़ित पक्ष की सूचना पर डायल 112 पुलिस ने एक आरोपी को पकड़ तो लिया, लेकिन एफआईआर दर्ज करने में टालमटोल कर रही है, जिससे पीड़ित परिवार और ग्रामीणों में आक्रोश बढ़ गया है।
मिली जानकारी के अनुसार, सुरवा मिश्रपुर अगंदा का पूरा गांव निवासी सुशील कुमार पांडेय अपनी बहन के यहां आयोजित पारिवारिक कार्यक्रम में शामिल होने के लिए 8 दिसंबर को बोर्रा गांव गए थे। रात करीब 10.45 बजे वह कार से घर लौट रहे थे। उनके साथ बाइक पर परिवार के दो युवक भी चल रहे थे। जैसे ही सभी लोग भुजैनी नहर के गेट के पास पहुंचे, अचानक वहां पहले से मौजूद 4-5 शराब के नशे में धुत युवकों ने उनकी बाइक रोक ली और बिना किसी कारण मारपीट शुरू कर दी।
इसी बीच कार से पीछे आ रहे सुशील पांडेय भी मौके पर पहुंच गए। कार में उनकी पत्नी, बेटी और दो अन्य लोग मौजूद थे। सुशील ने कार रोकी तो बदमाशों ने उन पर भी हमला कर दिया। आरोप है कि बदमाशों ने महिलाओं के गहने भी छीन लिए और परिवार के सदस्यों के साथ दुर्व्यवहार किया। अचानक हुए इस हमले से सभी लोग डर गए और मदद के लिए तुरंत डायल 112 पर कॉल किया।
सूचना पाकर पुलिस कुछ ही देर में मौके पर पहुंच गई और वहां से एक बदमाश को पकड़कर थाने ले गई। पीड़ित परिवार को उम्मीद थी कि कार्रवाई तेजी से होगी और सभी आरोपियों पर मामला दर्ज होगा। लेकिन अगले दिन जब पीड़ित पक्ष फतनपुर थाने पहुंचा तो थानाध्यक्ष ने एफआईआर दर्ज करने से साफ मना कर दिया।
एफआईआर न होने से नाराज पीड़ित परिवार और ग्रामीणों ने पुलिस की इस कार्यप्रणाली पर गहरी नाराजगी जताई है। उनका कहना है कि घटनास्थल से एक आरोपी को पकड़ने के बावजूद मामला दर्ज न करना कानून व्यवस्था पर सवाल खड़ा करता है। पीड़ित पक्ष अब न्याय की मांग को लेकर पुलिस अधीक्षक प्रतापगढ़ से मिलने की तैयारी कर रहा है।
इस घटना के बाद भुजैनी और आस-पास के क्षेत्रों में दहशत का माहौल है। ग्रामीणों का आरोप है कि नहर गेट के पास अक्सर असामाजिक तत्व इकट्ठा होते हैं और रात के समय राहगीरों को परेशान करते हैं, लेकिन पुलिस कोई सख्त कार्रवाई नहीं करती। लोगों ने मांग की है कि आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए और नहर गेट पर पुलिस गश्त बढ़ाई जाए ताकि ऐसी घटनाएं दोबारा न हों।














