प्रतापगढ़, 9 अक्टूबर 2025। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) ने अपने स्थापना के 100 वर्ष पूरे कर लिए हैं। इस शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में गुरुवार को प्रतापगढ़ के रानीगंज स्थित स्वामी करपात्री इंटर कॉलेज में विजयादशमी उत्सव धूमधाम से मनाया गया। इस अवसर पर आयोजित बौद्धिक और प्रकटीकरण कार्यक्रम में जिला प्रचारक प्रवीण कृष्ण ने स्वयंसेवकों को संबोधित करते हुए कहा कि संघ की शाखाएं विद्यापीठ की तरह हैं, जहां स्वयंसेवकों ने हिंदू समाज को राष्ट्रीयता के सूत्र में पिरोया है।
उन्होंने बताया कि असंख्य स्वयंसेवकों की तपस्या और पुरुषार्थ से संघ आज राष्ट्र विरोधी शक्तियों के सामने विराट रूप में खड़ा है। प्रवीण कृष्ण ने कहा कि संघ शताब्दी वर्ष में पांच प्रमुख विषयों कुटुंब प्रबोधन, सामाजिक समरसता, पर्यावरण संरक्षण, स्व-भाव का जागरण और नागरिक कर्तव्य को लेकर समाज के हर व्यक्ति तक पहुंचने का संकल्प लिया है। इन्हें पंच प्राण की संज्ञा दी गई है। उन्होंने जोर देकर कहा कि संघ का लक्ष्य समाज को विदेशी मानसिकता से मुक्त कर भारतीयता की मूल अवधारणा से जोड़ना है। यह यात्रा त्याग, तपस्या, नि:स्वार्थ सेवा और अनुशासन की प्रतीक रही है, जिसकी नींव आद्य सरसंघचालक डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार ने रखी थी।
कार्यक्रम में अतिथियों ने शस्त्र पूजन किया, जिसके बाद भारी संख्या में स्वयंसेवकों ने पथ संचलन निकाला। इस अवसर पर जिला कार्यवाह हेमन्त कुमार, खंड संघचालक क्षमाशंकर, खंड कार्यवाह नीरज, विनोद दुबे, चंद्रभूषण शुक्ला, संदीप गुप्ता, पूर्व विधायक अभय कुमार उर्फ धीरज ओझा, चेयरमैन बद्री गुप्ता, ब्लॉक प्रमुख सत्यम ओझा, जिला बाल कार्य प्रमुख अल्केश सहित कई स्वयंसेवक उपस्थित रहे। पथ संचलन में स्वयंसेवकों का उत्साह और अनुशासन देखते ही बनता था।













