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एसईसीएल की ‘सुश्रुत’ पहल कोयला क्षेत्र में बनी शिक्षा की रोशनी

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कोयला मंत्रालय की पहली और एकमात्र सीएसआर योजना बनकर कायम की मिसाल

रायपुर, 21 मार्च 2025। शिक्षा और नवाचार के संगम पर, एसईसीएल ने अपनी ‘सुश्रुत’ सीएसआर पहल के माध्यम से एक ऐतिहासिक उपलब्धि दर्ज की है। भारत सरकार के डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (डीबीटी) पोर्टल पर सूचीबद्ध होने वाली यह कोयला मंत्रालय की पहली और एकमात्र सीएसआर योजना बन गई है, जिससे यह सामाजिक उत्थान के क्षेत्र में एक मिसाल बन रही है। डीबीटी, जिसे सरकारी लाभों को सीधे पात्र नागरिकों तक पहुंचाने के लिए विकसित किया गया है, अब एसईसीएल के सुश्रुत को भी इस प्रभावी प्रणाली का हिस्सा बना चुका है।

छात्रों के लिए समर्पित है योजना

नीट परीक्षा की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए समर्पित यह योजना, छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश के वंचित एवं मेधावी विद्यार्थियों को नि:शुल्क आवासीय मेडिकल कोचिंग प्रदान कर रही है, जिससे उनका भविष्य सुनहरा बन सके।

पहली उड़ान ने किया कमाल

सुश्रुत योजना की पहली उड़ान ने ही कमाल कर दिया। पहले बैच में नामांकित 40 में से 39 विद्यार्थियों ने नीट 2024 परीक्षा में सफलता प्राप्त कर यह सिद्ध किया कि सही मार्गदर्शन और अवसर मिलने पर प्रतिभा कोई भी सीमा नहीं मानती। इनमें से 11 छात्रों ने एमबीबीएस, 2 ने बीडीएस, 2 ने बीएएमएस, 2 ने बीपीटीएच, और 2 छात्रों ने वेटरनरी कोर्स में प्रवेश लेकर अपने सपनों को साकार किया है।

Ramesh Pandey

मेरा नाम रमेश पाण्डेय है। पत्रकारिता मेरा मिशन भी है और प्रोफेशन भी। सत्य और तथ्य पर आधारित सही खबरें आप तक पहुंचाना मेरा कर्तव्य है। आप हमारी खबरों को पढ़ें और सुझाव भी दें।

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