वाराणसी, 14 अक्टूबर 2025। किसी में क्षेत्र में सफलता प्राप्त करने के लिए लक्ष्य निर्धारित करके कार्य करना जरूरी होता है। यह बातें जिला प्रशिक्षण अधिकारी विमल कुमार सिंह ने कही। वे जिला ग्राम्य विकास संस्थान परमानंदपुर में उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन अंतर्गत मॉडल संकुल स्तरीय संघ का विजनिंग मॉड्यूल-2 (MCLF V-2) विषय पर चल रहे तीन दिवसीय आवासीय प्रशिक्षण सत्र के समापन अवसर पर प्रशिक्षुओं को संबोधित कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि यदि हमें सफलता प्राप्त करनी है तो हम किसी भी कार्य को करने के लिए सबसे पहले उसकी प्राथमिकता तय कर लें। एक निश्चित उद्देश्य की प्राप्ति के लिए लक्ष्य निर्धारित करके उस दिशा में कार्य करें।
प्रशिक्षण कार्यक्रम के इन तीन दिवसों में डीआरपी सुरेश पाण्डेय व नीलू श्रीवास्तव द्वारा प्रशिक्षुओं को तीन दिवसों में विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से उनके सीएलएफ के प्रस्तावित दृष्टि वाक्य का निर्धारण कराया गया। इसके अंतर्गत विकास खंड पिंडरा के उजाला संकुल समिति ने तय किया कि उजाला आजीविका प्रेरणा महिला संकुल समिति का है सपना, सशक्त दीदी, खुशहाल परिवार, आदर्श गांव हो अपना।
इसी के साथ सीएलएफ की दीदियों ने अपने-अपने ग्राम संगठन से आए हुए आयामों पर सामुदायिक सहभागिता के आधार पर सीएलएफ की प्राथमिकताओं को तय किया जिसके अन्तर्गत उच्च प्राथमिकता वाले कार्यों में संगठन की मजबूती, शिक्षा और सामाजिक मुद्दों को रखा।
इसी कड़ी में दल बल गतिविधि के अंतर्गत गुब्बारे का खेल के माध्यम से लक्ष्य निर्धारित करने के महत्व को जाना तथा दिमाग के बोतल को दूर करने का खेल के माध्यम से परिवर्तन को प्रभावित करने वाले आंतरिक और बाह्य कारकों को समझा।
समापन अवसर पर सत्र प्रभारी संजय कुमार द्वारा सभी प्रशिक्षुओं एवं अतिथियों का धन्यवाद ज्ञापित किया गया। इस अवसर पर सुरेश तिवारी, नीरज कुमार, अजीत कुमार, पार्वती देवी, गायत्री देवी, कुसुम, गीता, रेनू, इंदू, ममता, अनिता, ललिता, आरती, विजयलक्ष्मी, रीमा, सरोजा, चंद्रकला, रेखा, सरिता, पुष्पा लक्ष्मी देवी आदि सहित 42 प्रतिभागियों की उपस्थिति रही।













