छतरपुर, 18 दिसंबर, 2025। बुंदेली शेफ सीज़न 3 प्रतियोगिता का समापन मध्य प्रदेश के छतरपुर स्थित द रुद्राक्ष होटल में हुआ। बुंदेलखंड 24×7 द्वारा आयोजित इस प्रतियोगिता के ग्रैंड फिनाले में स्वाद, हुनर और जुनून की ऐसी जुगलबंदी देखने को मिली, जिसने पूरे बुंदेलखंड को एक बार फिर अपनी रसोई पर गर्व करने का मौका दिया। कड़े मुकाबले को पार करने के बाद झांसी की शाजिदा अमीर ने अपने लाजवाब बुंदेली व्यंजनों से जजेस को प्रभावित करते हुए विजेता का खिताब अपने नाम किया।
पन्ना की नैंसी शिवहरे, जो वर्तमान में बेंगलुरु में रह रही हैं, ने प्रथम उपविजेता तथा छतरपुर की विभा अग्निहोत्री ने द्वितीय उपविजेता बनने का गौरव प्राप्त किया। फिनाले में छह प्रतिभागी विभा अग्निहोत्री, स्वप्निल मोदी, रश्मि ठाकुर, शाजिदा अमीर, नैंसी शिवहरे और वाइल्ड कार्ड एंट्री के ज़रिए शामिल हुईं रानू झा ने अपने हुनर का दमखम दिखाया। तीनों विजेताओं को आकर्षक पुरस्कारों से सम्मानित किया गया। फाइनल तक पहुंचने वाली अन्य तीन प्रतिभागियों को सांत्वना पुरस्कार देकर उनका उत्साह बढ़ाया गया।
ग्रैंड फिनाले में छतरपुर की विधायक श्रीमती ललिता यादव मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहीं। उन्होंने सभी प्रतिभागियों को बधाई देते हुए कहा कि ऐसे आयोजन न सिर्फ स्थानीय महिलाओं को पहचान दिलाते हैं, बल्कि बुंदेलखंड की संस्कृति, परंपरा और रसोई को राष्ट्रीय मंच तक पहुंचाने का काम भी करते हैं। बुंदेली महिलाएं जिस आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ रही हैं, वह पूरे क्षेत्र के लिए प्रेरणा है।
ग्रैंड फिनाले में निर्णायक की भूमिका में बुंदेली शेफ सीज़न 1 की विजेता शमिता सिंह और सीज़न 2 की विजेता ज़हीदा परवीन शामिल रहीं। दोनों जजेस ने ऑडिशन से लेकर फाइनल तक हर डिश को पैनी नज़र से परखा और यह भी देखा कि उसमें बुंदेलखंड की झलक कितनी सशक्त रही है।
कार्यक्रम की सफलता पर बुंदेलखंड 24×7 के फाउंडर डॉ. अतुल मलिकराम ने कहा, बुंदेली शेफ का सपना सिर्फ एक शो बनाना नहीं था, बल्कि बुंदेलखंड की महिलाओं को ऐसा मंच देना था, जहां उनका हुनर सम्मान पाए। सीज़न 3 ने यह साबित कर दिया है कि बुंदेलखंड की रसोई में वो ताकत है, जो पूरे देश को अपनी ओर खींच सकती है।
शो की सफलता पर अपनी खुशी व्यक्त करते हुए बुंदेलखंड 24×7 के चैनल हेड आसिफ पटेल ने कहा कि ‘बुंदेली शेफ’ आज सिर्फ एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि बुंदेलखंड की पहचान बन चुका है। हर सीज़न के साथ इसकी लोकप्रियता बढ़ रही है और यह मंच क्षेत्र की नारी शक्ति, परंपरा और हुनर को देशभर में सम्मान दिला रहा है।
बुंदेली शेफ की होस्ट शिवांगी तिवारी ने कहा कि यह शो अब लोगों की भावनाओं से जुड़ चुका है। जब प्रतिभागी अपनी थाली में मां के हाथों का स्वाद और मिट्टी की खुशबू लेकर आते हैं, तो पूरा बुंदेलखंड मुस्कुराता है। विजेता बनने के बाद शाजिदा अमीर ने भावुक होते हुए कहा, यह जीत सिर्फ मेरी नहीं है, यह मेरी रसोई, मेरी परंपरा और हर उस बुंदेली महिला की है, जो अपने हुनर को दुनिया तक पहुंचाना चाहती है।
बुंदेली शेफ ने हमें अपनी पहचान पर गर्व करना सिखाया है। इस लोकप्रिय शो की विजेता बनना मेरे लिए अनूठी प्रेरणा है, जिसके बाद मैंने सिंगापुर मैं भारतीय रेस्तरां शुरू करके भारत और बुंदेलखंड का मान बढ़ाने का संकल्प लिया है।
जज पैनल की सदस्य शमिता सिंह ने कहा, हर प्रतिभागी के व्यंजनों में स्वाद के साथ-साथ उनकी कहानी भी झलक रही थी। निर्णय लेना आसान नहीं था, क्योंकि हर प्लेट में बुंदेलखंड का स्वाद और यहाँ की परंपरा बसी हुई थी।
दूसरी जज ज़हीदा परवीन ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा, बुंदेली शेफ अब सिर्फ एक प्रतियोगिता नहीं रहा, यह एक आंदोलन बन चुका है, जो हमारी रसोई और संस्कृति को नई पीढ़ी तक पहुंचा रहा है। कार्यक्रम की सफलता में रुद्राणी कलाग्राम का विशेष सहयोग रहा। पीआर 24×7 बतौर पीआर पार्टनर, अफ्फी स्पोर्ट्स ट्रॉफी पार्टनर, तारुका इको, डिवाइन डेकोर एंड गिफ्ट गैलेरी और बुंदेलखंड्स फेमस गिफ्टिंग पार्टनर रहे। कार्यक्रम का वैन्यू पार्टनर द रुद्राक्ष होटल और ‘2030 का भारत’ सोशल पार्टनर रहा।

















