लखनऊ, 4 फरवरी 2026। सिटी मोन्टेसरी स्कूल के प्रधान कार्यालय में एक संगोष्ठी का आयोजन किया गया। संगोष्ठी में बच्चों को भौतिक एवं आध्यात्मिक ज्ञान देने के बारे में चर्चा की गयी। वक्ताओं ने बच्चों को दोनों प्रकार का ज्ञान दिया जाना जरूरी बताया। साथ ही मानव जीवन के मूल्यों की शिक्षाओं का व्याख्यान भी किया गया।
संचालन डॉ. भारती गांधी, संस्थापिका-निदेशिका, सिटी मोन्टेसरी स्कूल ने किया। संगोष्ठी में देवेन्द्र अग्रवाल एवं डॉ चित्रा अग्रवाल (सीएमएस के प्रथम छात्र) भी उपस्थित थे, जो 1959 में पहले 5 बच्चे दाखिल हुये थे, उनमें से ये दो पधारे थे। जिनमें एक डाक्टर हैं एवं दूसरे व्यापारी हैं।
डॉ. भारती गांधी ने बताया कि प्रत्येक माता-पिता को बच्चों को बचपन से ही भौतिक ज्ञान के साथ आध्यात्मिक ज्ञान भी देना चाहिए। हम अपने बच्चों को भौतिक ज्ञान देने का हर सम्भव प्रयास करते हैं लेकिन आध्यात्मिक ज्ञान देना जरूरी नहीं समझते।
जीवन में आशा, निराशा, विपरीत परिस्थितियों में कैसे जीवन में आगे बढें यह रास्ता आध्यात्मिक ज्ञान से मिलता है। इसके लिए हमें परमेश्वर द्वारा भेजे गये अवतारों और उनके द्वारा दी गई शिक्षाओं को मानकर उस पर चलकर परमेश्वर को जान सकते हैं।
अन्य गणमान्य लोगों ने भी भौतिक ज्ञान के साथ आध्यात्मिक ज्ञान के लिए पवित्र ग्रन्थों के अध्ययन पर भी जोर दिया। उन्होने कहा कि सारे अवतारों ने मानव रूप में आकर एवं जिन्दगी के सुख-दुख के साथ मानव जीवन के मूल्यों को समझाया है।
संगोष्ठी में महात्मा गांधी जी के विचारों के बारे भी विचार विमर्श करते हुए अहिंसा एवं वसुधैव कुटुम्बकम के बारे में भी बताया गया। डॉ. गांधी ने बताया कि मनुष्य को अपने जीवन में अच्छे विचारों एवं भाईचारे द्वारा दुनिया में शान्ती लाने का प्रयास करना चाहिए।
दुनिया में हो रहे युद्धों को बन्द करने एवं शान्ति स्थापित करने के लिए विश्व सरकार का गठन किया जाना चाहिए ताकि हम अपने बच्चों एवं आने वाली पीढी को एक उज्जवल भविष्य दे सके। सभा का समापन प्रभु भजन एवं भोजन वितरण के साथ सम्पन्न हुआ।

















