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तातापानी में भू-तापीय ऊर्जा की संभावनाओं पर होगा वैज्ञानिक अध्ययन

तातापानी में भू-तापीय ऊर्जा की संभावनाओं पर होगा वैज्ञानिक अध्ययन

रायपुर, 19 मार्च 2026। छत्तीसगढ़ के बलरामपुर-रामानुजगंज जिले के ग्राम तातापानी स्थित भू-तापीय जल स्रोत के वैज्ञानिक अध्ययन को लेकर राज्य सरकार ने महत्वपूर्ण पहल की है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में सीएसआईआर-राष्ट्रीय भूभौतिकीय अनुसंधान संस्थान (एनजीआरआई), हैदराबाद और क्रेडा के बीच एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए। इस अवसर पर क्रेडा के अध्यक्ष भूपेन्द्र सवन्नी की गरिमामयी उपस्थिति रही। एमओयू के तहत तातापानी क्षेत्र में स्थित भू-तापीय जल स्रोत का दो वर्षों तक विस्तृत वैज्ञानिक अध्ययन किया जाएगा। इस अध्ययन में जल स्रोत की मात्रा का आकलन, तापमान और दबाव का विश्लेषण, आधुनिक उपकरणों व सेंसर के माध्यम से डेटा संग्रह तथा जियोथर्मल ऊर्जा से विद्युत उत्पादन की संभावनाओं का तकनीकी परीक्षण शामिल है।

स्थापित होगी भू-तापीय विद्युत परियोजना

इस शोध के आधार पर भविष्य में छत्तीसगढ़ में भू-तापीय ऊर्जा के दोहन की दिशा तय की जाएगी। यदि अध्ययन के परिणाम सकारात्मक आते हैं, तो राज्य में पहली बार भू-तापीय विद्युत परियोजना स्थापित की जा सकती है। इससे 24 घंटे स्वच्छ और सतत बिजली उत्पादन संभव होगा और छत्तीसगढ़ की ऊर्जा आत्मनिर्भरता को मजबूती मिलेगी। साथ ही यह परियोजना पर्यावरण के अनुकूल ऊर्जा स्रोत के रूप में भी महत्वपूर्ण साबित होगी।

निविदा से परियोजना विस्तारक का होगा चयन

अध्ययन के सफल होने पर क्रेडा द्वारा खुली निविदा प्रक्रिया के माध्यम से परियोजना विस्तारक का चयन किया जाएगा और राज्य में भू-तापीय विद्युत संयंत्र स्थापित किया जाएगा। यह पहल छत्तीसगढ़ को वैकल्पिक ऊर्जा के क्षेत्र में नई पहचान दिलाने के साथ ही देश में अग्रणी राज्यों की श्रेणी में ला सकती है। एमओयू हस्ताक्षर समारोह में क्रेडा एवं सीएसआईआर-एनजीआरआई के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।