नई दिल्ली, 9 जनवरी 2026। दूरसंचार में 6जी तकनीकि का रोडमैप आईआईटी कानपुर ने तैयार करने की जिम्मेदारी ली है। आईआईटी कानपुर एक प्रमुख राष्ट्रीय संस्थान है। यहां उन्नत दूरसंचार, 5जी/6जी तकनीकों, टेलीकॉम में कृत्रिम बुद्धिमत्ता अनुप्रयोगों, अभिसरण एवं प्रसारण, अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी तथा उभरते आईसीटी क्षेत्रों में मजबूत शैक्षणिक एवं अनुसंधान क्षमताएं हैं।
8 जनवरी 2026 को इसे लेकर केंद्र सरकार के दूरसंचार विभाग (DoT) की तकनीकी इकाई दूरसंचार इंजीनियरिंग सेंटर (TEC) ने भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान, कानपुर (आईआईटी कानपुर) के साथ एमओयू किया। यह एमओयू उन्नत टेलीकॉम तकनीकों तथा वैश्विक मानकीकरण गतिविधियों में संयुक्त अध्ययन, अनुसंधान एवं तकनीकी योगदान पर सहयोग के लिए किया गया है। इसमें भविष्य की संचार तकनीकों, जिसमें 6 जी , टेलीकॉम में कृत्रिम बुद्धिमत्ता, नॉन टेरेस्ट्रियल नेटवर्क (NTNs), वस्तु-इंटरनेट (IoT), डिजिटल ट्विन, मेटावर्स तथा क्वांटम संचार शामिल हैं।
एमओयू पर टीईसी के उप महानिदेशक (मोबाइल टेक्नोलॉजीज) अमित कुमार श्रीवास्तव तथा आईआईटीके के डीन (आरएंडडी) प्रो. तरुण गुप्ता ने हस्ताक्षर किए। इस मौके पर आईआईटी कानपुर के निदेशक प्रो. मैनिंद्र अग्रवाल, आईआईटी के प्रो. रोहित बुधिराजा, तथा टीईसी के डीडीजी (सूचना प्रौद्योगिकी) शशि मोहन उपस्थित थे।
सहयोग के प्रमुख क्षेत्र
- 6 जी वास्तुकला एवं सक्षमकर्ता तकनीकों की खोज, जिसमें 3 जी पी पी तथा आई टी यू जैसे वैश्विक मंचों में अनुसंधान, पूर्व-मानकीकरण एवं मानकीकरण गतिविधियों में योगदान शामिल है।
- 4G, 5G, LTE-A, NB-IoT तथा भविष्य के नेटवर्क्स में वास्तुकला, सिग्नलिंग, प्रोटोकॉल एवं परस्पर संचालन परीक्षण को कवर करते हुए संयुक्त अध्ययन एवं तकनीकी योगदान।
- नेटवर्क ऑटोमेशन, अनुकूलन एवं बुद्धिमान प्रबंधन के लिए एआई/एमएल में संयुक्त अनुसंधान, जिसमें भविष्य के नेटवर्क्स के लिए एआई-नेटिव क्षमताओं की दिशा में रोडमैप शामिल है।
- उन्नत एंटीना सिस्टम, मासिव MIMO तथा संबंधित रेडियो एक्सेस तकनीकों में सहयोगी अनुसंधान।
- उपग्रह संचार सिस्टम, NTNs, HAPS तथा उपग्रह-स्थलीय एकीकरण में संयुक्त अध्ययन, जिसमें आपदा-प्रतिरोधी एवं आपातकालीन कनेक्टिविटी समाधान शामिल हैं।
- आईओटी पारिस्थितिक तंत्र, डिजिटल ट्विन तकनीकों तथा इमर्सिव संचार प्लेटफॉर्म्स में संयुक्त अनुसंधान।
- सुरक्षित संचार के लिए QKD, PQC, QRNG तथा संबंधित घटकों सहित क्वांटम संचार तकनीकों में संयुक्त अध्ययन।
















