वाराणसी, 13 दिसंबर 2025। सतत विकास लक्ष्य देश के समग्र विकास की मजबूत नींव हैं। इनका उद्देश्य समाज के हर वर्ग तक विकास पहुंचाना है। यह बात जिला प्रशिक्षण अधिकारी विमल कुमार सिंह ने कही। वह जिला ग्राम्य विकास संस्थान परमानन्दपुर में आयोजित प्रशिक्षण कार्यक्रम के समापन सत्र को संबोधित कर रहे थे।
उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा प्रायोजित “एसडीजी गोल सतत विकास, कर्मयोगी लक्ष्य” विषयक यह प्रशिक्षण तीन दिनों तक चला। प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य अधिकारियों और कर्मचारियों को सतत विकास लक्ष्यों की गहरी समझ देना रहा। उन्होंने कहा कि विकसित भारत का सपना तभी साकार होगा जब सभी अपना योगदान देंगे।
विमल कुमार सिंह ने बताया कि सतत विकास लक्ष्य की अवधारणा पांच प्रमुख बिंदुओं पर आधारित है। इसमें सभी लोगों की भलाई शामिल है। शांति और सामाजिक स्थिरता को प्राप्त करना इसका अहम लक्ष्य है। पृथ्वी के पारिस्थितिक तंत्र की सुरक्षा पर भी विशेष जोर दिया गया है। सतत आर्थिक और तकनीकी विकास इसकी महत्वपूर्ण कड़ी है। अंतरराष्ट्रीय सहयोग और साझेदारी को मजबूत करना भी इसका उद्देश्य है।
तीन दिवसीय प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को एसडीजी की पृष्ठभूमि और अवधारणा की जानकारी दी गई। इसके उद्देश्य और कार्य प्रणाली को विस्तार से समझाया गया। मिशन कर्मयोगी का परिचय भी प्रशिक्षण का प्रमुख विषय रहा। पंचायत स्तर पर सतत विकास लक्ष्यों के स्थानीयकरण की आवश्यकता पर विशेष चर्चा हुई।
प्रशिक्षकों ने एलएसडीजी की नौ प्रमुख थीमों पर जानकारी दी। इनमें गरीबी मुक्त गांव, स्वस्थ गांव और बाल हितैषी गांव शामिल रहे। पर्याप्त जल युक्त गांव की अवधारणा पर जोर दिया गया। स्वच्छ और हरा-भरा गांव बनाने के उपाय बताए गए। आत्मनिर्भर बुनियादी ढांचे वाले गांव की योजना समझाई गई।
इसके साथ ही सामाजिक रूप से सुरक्षित गांव और सुशासन वाले गांव की अवधारणा प्रस्तुत की गई। महिला हितैषी गांव को मजबूत बनाने पर भी चर्चा हुई। पंचायत उन्नति सूचकांक की अवधारणा को सरल भाषा में समझाया गया। पंचायत की स्वयं की आय के स्रोत विकसित करने की रणनीति पर भी प्रकाश डाला गया।
प्रशिक्षण में विभागीय समन्वय को अत्यंत आवश्यक बताया गया। विभिन्न विभागों के बीच बेहतर तालमेल से योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर जोर दिया गया। प्रशिक्षण कार्यक्रम में जनपद वाराणसी के कुल 30 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया।
इनमें समाज कल्याण विभाग से 6, पंचायतीराज से 6, स्वास्थ्य विभाग से 5 और ग्राम विकास विभाग से 13 प्रतिभागी शामिल रहे। कार्यक्रम में कई वरिष्ठ प्रशिक्षक और अधिकारी उपस्थित रहे। उनकी उपस्थिति से प्रशिक्षण सत्र और अधिक प्रभावी बना।
इस अवसर पर ज्येष्ठ अनुदेशक संजय कुमार, सुरेश तिवारी, रिटायर्ड सीडीओ हीरालाल, शिवप्रकाश, कन्हैयालाल पथिक, सुरेश पाण्डेय, पुष्पा सिंह, रीमा जायसवाल, पवन कुमार सिंह, कृष्णानंद, डॉ स्वाती सिंह, तेजेन्द्र कुमार, प्रीती सिंह, रंजना, पूजा, बबिता, नीतू, निरमा, गीता, सोना, सोनी, कमलसेन, आजाद शेख, भोला प्रजापति, संजय कुमार, पिंकी, माया देवी, रंजीत कुमार, सीता, सुनीता, चन्दा आदि की उपस्थिति रही।














