वाराणसी, 20 अगस्त 2025। उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा प्रायोजित ग्राम विकास योजनाओं को शत-प्रतिशत पात्र लाभार्थियों तक पहुंचाने के लिए वाराणसी के जिला ग्राम्य विकास संस्थान, परमानन्दपुर, हरहुआ में तीन दिवसीय प्रशिक्षण सत्र का शुभारंभ हुआ। इस अवसर पर अपर आयुक्त प्रशासन राकेश गुप्ता ने कहा कि ग्राम विकास योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए सभी को मिलकर प्रयास करना होगा। उन्होंने जोर देकर कहा कि सुशासन की परिकल्पना और विकसित भारत का लक्ष्य तभी साकार होगा, जब योजनाएं हर पात्र व्यक्ति तक पहुंचें। सत्र का उद्घाटन राकेश गुप्ता और जिला प्रशिक्षण अधिकारी विमल कुमार सिंह ने दीप प्रज्वलन के साथ संयुक्त रूप से किया।
इस प्रशिक्षण में वाराणसी और चंदौली जनपदों से कुल 60 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। वाराणसी से ग्राम विकास विभाग से 6, पंचायती राज विभाग से 6, आईसीडीएस से 14, कृषि विभाग से 2, और पशुपालन विभाग से 2 प्रतिभागी शामिल हुए। इसी तरह, चंदौली से ग्राम विकास विभाग से 10, पंचायती राज विभाग से 8, आईसीडीएस से 8, कृषि विभाग से 2, और पशुपालन विभाग से 2 प्रतिभागी उपस्थित रहे। प्रशिक्षण के पहले सत्र में सेवानिवृत्त मुख्य विकास अधिकारी हीरालाल ने प्रतिभागियों को ग्राम विकास और पंचायती राज व्यवस्था के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने 73वें संविधान संशोधन, पंचायती राज, नगरीय निकायों की व्यवस्था, और पंचायतों के सशक्तिकरण पर प्रकाश डाला। मास्टर ट्रेनर सुरेश पाण्डेय ने महात्मा गांधी नरेगा के महत्वपूर्ण प्रावधानों की जानकारी दी।
जिला प्रशिक्षण अधिकारी विमल कुमार सिंह ने सभी अतिथियों का स्वागत करते हुए तीन दिवसीय प्रशिक्षण की रूपरेखा प्रस्तुत की। उन्होंने बताया कि प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को दीन दयाल अंत्योदय योजना-राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन, कौशल विकास योजनाएं, प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण), आधारभूत संरचना, पेयजल योजना, समग्र विकास, आरटीआई, शिकायत निवारण, निधि उपयोग, मूल्यांकन, सोशल ऑडिट, आईजीआरएस, जन सुनवाई, और सीपी ग्राम जैसे विषयों पर विस्तृत जानकारी दी जाएगी। यह प्रशिक्षण ग्रामीण विकास योजनाओं के प्रभावी कार्यान्वयन और जमीनी स्तर पर उनकी पहुंच सुनिश्चित करने के लिए डिज़ाइन किया गया है।
कार्यक्रम में सत्र प्रभारी संजय कुमार, सुरेश तिवारी, शिवप्रकाश, शारदानंद पाण्डेय, अमर सिंह, एडीओ आईएसबी सुनील कुमार, दुर्गेश सिंह, रवि सिंह, बृजेश सिंह, हवलदार, अवधेश कुमार, एडीओ पंचायत प्रेमचंद, सीडीपीओ मधुरिमा, मुख्य सेविका विभा सिंह, किरनलता भारती, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता रेशम सोनकर, किरन रजक, नंदा देवी, ममता पटेल, पूजा, ज्योति मिश्रा, नीरज सिंह, श्रृंखला यादव, सपना, सोनम चौधरी, एडीओ कृषि देवेंद्र पाण्डेय, प्रीती यादव, पशुधन प्रसार अधिकारी प्रतीक्षा मिश्रा, सुभाष चंद्र, पंचायत सहायक अजय कुमार, आकाश कुमार, प्रिंस तिवारी, राहुल शर्मा, जय कुमार, मनोज कुमार, और अमित समेत कई अन्य लोग उपस्थित रहे।
यह प्रशिक्षण ग्रामीण विकास के क्षेत्र में कार्यरत अधिकारियों और कर्मचारियों के कौशल को निखारने और योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। अपर आयुक्त राकेश गुप्ता ने प्रतिभागियों से अपील की कि वे प्रशिक्षण से प्राप्त ज्ञान को अपने कार्यक्षेत्र में लागू करें, ताकि ग्रामीण जनता को योजनाओं का पूर्ण लाभ मिल सके। उन्होंने कहा कि यह प्रयास न केवल ग्रामीण विकास को गति देगा, बल्कि उत्तर प्रदेश और देश को विकसित भारत के लक्ष्य की ओर अग्रसर करेगा। प्रशिक्षण के अगले दो दिनों में और गहन सत्रों के माध्यम से प्रतिभागियों को योजनाओं के तकनीकी और प्रशासनिक पहलुओं की जानकारी दी जाएगी।














