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छत्तीसगढ़ के 3 शहरों में ट्राइबल गेम्स शुरू

छत्तीसगढ़ के 3 शहरों में ट्राइबल गेम्स शुरू, केंद्रीय खेल मंत्री ने किया शुभारंभ

रायपुर, 26 मार्च 2026। बुधवार 25 मार्च 2026 की शाम छत्तीसगढ़ के 3 शहरों में खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स शुरू हो गया। केंद्रीय युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने इस खेल के पहले संस्करण का शुभारंभ किया। ये खेल 3 अप्रैल 2026 तक आयोजित किए जाएंगे। इस मौके पर राज्य के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और खेल मंत्रालय के भारसाधक मंत्री व राज्य के उप मुख्यमंत्री अरुण साव भी मौजूद रहे।

डॉ. मांडविया ने इसे एक ऐतिहासिक शुरुआत बताते हुए कहा कि खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स (KITG) 2026 छत्तीसगढ़ को एक स्थायी मेजबान के रूप में स्थापित करता है। आने वाले वर्षों में इन खेलों का आयोजन बस्तर, सरगुजा (अंबिकापुर) और रायपुर सहित विभिन्न क्षेत्रों में हर साल किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि खेल प्रतिभा केवल महानगरों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह जनजातीय गांवों और देश के दूरदराज़ क्षेत्रों में भी फल-फूल रही है। खेल मंत्री ने कहा, खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स का उद्देश्य इस अनछुई प्रतिभा की पहचान करना और उसे आगे बढ़ाना है।

खेलों के व्यापक महत्व पर जोर देते हुए खेल मंत्री ने कहा कि खेल केवल पदक जीतने तक सीमित नहीं हैं, बल्कि यह अनुशासन, संतुलन और जीवन के महत्वपूर्ण मूल्य सिखाते हैं, जो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मजबूत खेल संस्कृति के दृष्टिकोण के अनुरूप है।

डॉ. मांडविया ने बताया कि स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया के कोच खेल स्थलों पर मौजूद रहेंगे और प्रतिभाओं की पहचान कर उन्हें खेलो इंडिया केंद्रों और सेंटर ऑफ एक्सीलेंस जैसे संरचित मार्गों के माध्यम से आगे बढ़ाएंगे, ताकि खिलाड़ी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धा कर सकें।

ओलंपियन दीपिका कुमारी जैसे खिलाड़ियों का उल्लेख करते हुए उन्होंने भारत की खेल विरासत में जनजातीय समुदायों के महत्वपूर्ण योगदान को रेखांकित किया।

उन्होंने कहा कि ये खेल न केवल खेलों को बढ़ावा देंगे, बल्कि पर्यटन और क्षेत्रीय विकास को भी गति देंगे और आने वाले वर्षों में देश-विदेश का ध्यान आकर्षित करेंगे।

सुशासन और पारदर्शिता पर जोर देते हुए केंद्रीय खेल मंत्री ने कहा कि प्रदर्शन हमेशा सर्वोच्च प्राथमिकता रहेगा और चयन प्रक्रिया निष्पक्ष, पारदर्शी और निगरानी में होगी। उन्होंने स्पोर्ट्स गवर्नेंस बिल और आगामी खेलो भारत नीति जैसे सुधारों का उल्लेख किया, जिनका उद्देश्य समावेशिता को बढ़ावा देना और महिलाओं एवं जनजातीय खिलाड़ियों के लिए अधिक अवसर सुनिश्चित करना है।

डॉ. मांडविया ने आगामी अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं को लेकर विश्वास जताते हुए कहा कि भारत एशियाई खेलों में अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करेगा। उन्होंने यह भी कहा कि पिछले एक दशक में फिट इंडिया और खेलो इंडिया जैसे अभियानों के माध्यम से भारत में खेलों का व्यापक विकास हुआ है।

डॉ. मांडविया ने 2036 में ओलंपिक खेलों की मेजबानी करने, तब तक वैश्विक खेल रैंकिंग में शीर्ष 10 में पहुंचने और 2047 तक दुनिया के शीर्ष पांच खेल राष्ट्रों में शामिल होने के भारत के लक्ष्य को दोहराया।