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यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा 2024: शक्ति दुबे ने देश में किया टॉप

यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा 2024: शक्ति दुबे ने देश में किया टॉप

शीर्ष-10 में 4 लड़कियों ने बाजी मारी, कुल 1,009 उम्मीदवार हुए सफल

नई दिल्ली, 22 अप्रैल 2025। संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) ने मंगलवार को सिविल सेवा परीक्षा 2024 के अंतिम परिणाम घोषित कर दिए। प्रयागराज, उत्तर प्रदेश की शक्ति दुबे ने शीर्ष स्थान हासिल कर देशभर में अपनी मेहनत और लगन का परचम लहराया। इस परीक्षा में कुल 1,009 अभ्यर्थियों को भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस), भारतीय विदेश सेवा (आईएफएस), भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस), और अन्य केंद्रीय सेवाओं (समूह ‘ए’ और ‘बी’) के लिए चुना गया है। शीर्ष 10 में चार महिलाओं ने स्थान बनाकर लैंगिक समावेशिता का मजबूत उदाहरण पेश किया।

शीर्ष 10 रैंक धारक

  • शक्ति दुबे
  • हर्षिता गोयल
  • डोंगरे अर्चित पराग
  • शाह मार्गी चिराग
  • आकाश गर्ग
  • कोमल पूनिया
  • आयुषी बंसल
  • राज कृष्ण झा
  • आदित्य विक्रम अग्रवाल
  • मयंक त्रिपाठी

शक्ति दुबे ने बायोकेमिस्ट्री में स्नातक और स्नातकोत्तर की पढ़ाई पूरी की है और 2018 से यूपीएससी की तैयारी कर रही थीं। उन्होंने वैकल्पिक विषय के रूप में राजनीति विज्ञान और अंतरराष्ट्रीय संबंध चुना। उनकी सफलता छोटे शहरों के युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत है।

चयन और श्रेणी-वार विवरण

यूपीएससी ने 1,009 अभ्यथिर्यों को चुना, जिनमें सामान्य वर्ग से 335, आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (ईडब्ल्यूएस) से 109, अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) से 318, अनुसूचित जाति (एससी) से 160, और अनुसूचित जनजाति (एसटी) से 87 अभ्यर्थी शामिल हैं। इसके अलावा, 45 दिव्यांग अभ्यथिर्यों का भी चयन हुआ है। 241 अभ्यथिर्यों का परिणाम अस्थायी रखा गया है, और एक उम्मीदवार का परिणाम रोका गया है। अभ्यथिर्यों के अंक 15 दिनों के भीतर यूपीएससी की वेबसाइट पर उपलब्ध होंगे।

परीक्षा प्रक्रिया

यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा तीन चरणों प्रारंभिक, मुख्य, और साक्षात्कार में आयोजित की जाती है। इस साल 9,92,599 अभ्यर्थियों ने आवेदन किया था, जिनमें से 5,83,213 प्रारंभिक परीक्षा में शामिल हुए। 14,627 अभ्यर्थी मुख्य परीक्षा के लिए अहर्ता प्राप्त कर सके, और 2,845 को साक्षात्कार के लिए बुलाया गया। साक्षात्कार 7 जनवरी से 17 अप्रैल 2025 तक आयोजित हुए।

प्रशिक्षण और भर्ती

चयनित अभ्यर्थियों को अब देश की शीर्ष अकादमियों में कठोर प्रशिक्षण से गुजरना होगा। आईएएस अधिकारियों को उत्तराखंड के मसूरी स्थित लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासन अकादमी और आईपीएस अधिकारियों को तेलंगाना के हैदराबाद स्थित सरदार वल्लभभाई पटेल राष्ट्रीय पुलिस अकादमी में प्रशिक्षण दिया जाएगा।

अन्य सेवाओं के लिए संबंधित विशिष्ट संस्थानों में प्रशिक्षण होगा। यूपीएससी ने कुल 1,132 पदों के लिए भर्ती निकाली थी, जिसमें 180 आईएएस, 55 आईएफएस, और 147 आईपीएस के पद शामिल हैं। प्रारंभिक अधिसूचना में 1,056 पद थे, जिन्हें बाद में बढ़ाकर 1,132 किया गया।

प्रभाव और प्रेरणा

शक्ति दुबे की उपलब्धि ने न केवल प्रयागराज बल्कि पूरे देश के युवाओं को प्रेरित किया है। उनके पिता पुलिस सेवा में हैं, जिसने उन्हें सार्वजनिक सेवा की ओर प्रेरित किया। शीर्ष 25 में 11 महिलाओं का होना इस परीक्षा में बढ़ती लैंगिक विविधता को दर्शाता है। अभ्यर्थियों ने वैकल्पिक विषयों में राजनीति विज्ञान, दर्शनशास्त्र, समाजशास्त्र, और तमिल साहित्य जैसे विविध क्षेत्र चुने।

यह परिणाम भारत की प्रशासनिक सेवाओं में नए नेतृत्व के आगमन का संकेत है, जो देश की प्रगति और विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। यूपीएससी ने अभ्यर्थियों के लिए दिल्ली में सुविधा काउंटर भी स्थापित किया है, जहां कार्यदिवसों में सुबह 10 से शाम 5 बजे तक जानकारी प्राप्त की जा सकती है।