लखनऊ, 12 दिसंबर 2025। लंबे समय से चल रही चर्चाओं और अटकलों के बीच आखिरकार भाजपा ने उत्तर प्रदेश के नए प्रदेश अध्यक्ष के चुनाव का कार्यक्रम तय कर दिया है। पार्टी ने स्पष्ट किया है कि प्रदेश अध्यक्ष का चुनाव 13 और 14 दिसंबर को होगा। चुनाव अधिकारी, पर्यवेक्षकों और प्रांतीय परिषद के सदस्यों को सूचना दे दी गई है, जिसके साथ ही प्रदेश भाजपा मुख्यालय में हलचल और चुनावी माहौल तेज हो गया है।
13 दिसंबर को नामांकन
पार्टी द्वारा घोषित कार्यक्रम के अनुसार, 13 दिसंबर को दोपहर एक बजे से दो बजे तक प्रदेश भाजपा मुख्यालय में नामांकन पत्र दाखिल किए जाएंगे। नामांकन दाखिल होने के बाद उसी दिन नामांकन पत्रों की विधिवत जांच होगी और उम्मीदवार अपने नाम वापस भी उसी दिन ले सकेंगे। यदि इस प्रक्रिया में केवल एक ही प्रत्याशी का नामांकन पत्र वैध पाया जाता है, तो उसी दिन प्रदेश अध्यक्ष का चुनाव सर्वसम्मति से संपन्न हो जाएगा।
यदि एक से अधिक उम्मीदवार नामांकन दाखिल करते हैं, तो प्रदेश अध्यक्ष के चयन की प्रकिया दूसरे दिन मतदान के माध्यम से आगे बढ़ेगी।
14 दिसंबर को मतदान और मतगणना
चुनाव अधिकारी डॉ. महेंद्र नाथ पांडेय ने बताया कि 14 दिसंबर को मतदान और मतगणना की पूरी प्रक्रिया सम्पन्न की जाएगी। इसी के साथ राष्ट्रीय परिषद के लिए भी यहां से सदस्यों का चुनाव किया जाएगा। इस महत्वपूर्ण चुनाव की निगरानी के लिए भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री और केंद्रीय चुनाव पर्यवेक्षक विनोद तावड़े लखनऊ पहुंच रहे हैं। वहीं, केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल, जो इस चुनाव के केंद्रीय चुनाव अधिकारी हैं, 14 दिसंबर को संपूर्ण प्रक्रिया को अंतिम रूप देंगे।
चुनाव की घोषणा होते ही भाजपा नेतृत्व ने प्रदेश के सभी प्रमुख नेताओं, सांसदों, विधायकों और प्रांतीय परिषद के लगभग 400 सदस्यों को लखनऊ बुला लिया है। प्रांतीय परिषद के सदस्य ही प्रदेश अध्यक्ष के चुनाव में वोट डालते हैं, इसलिए उनका लखनऊ पहुंचना चुनावी गतिविधियों का केंद्र बन चुका है।
2027 चुनाव का ध्यान
भाजपा कार्यकर्ताओं और प्रदेश नेतृत्व के बीच यह चर्चा तेज है कि नया प्रदेश अध्यक्ष ऐसा होगा जो संगठन और सरकार के बीच मजबूत सेतु का काम कर सके। विशेष तौर पर 2027 के विधान सभा चुनाव को देखते हुए नेतृत्व ऐसा चेहरा सामने लाना चाहता है जो न केवल संगठनात्मक रूप से मजबूत हो बल्कि कार्यकर्ताओं में व्यापक स्वीकार्यता भी रखता हो और जमीनी स्तर पर पार्टी की पकड़ को और मजबूत कर सके।
कार्यकर्ताओं में नए प्रदेश अध्यक्ष को लेकर उत्सुकता लगातार बढ़ती जा रही है। सोशल मीडिया पर भी चुनाव संबंधी चर्चा तेज है और कई संभावित नामों को लेकर अटकलें लगाई जा रही हैं।
नामांकन में प्रस्तावक बन सकते हैं शीर्ष नेता
सूत्रों की मानें तो नए प्रदेश अध्यक्ष के नामांकन में प्रस्तावक के रूप में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य, उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक और संगठन के कई प्रमुख नेता शामिल हो सकते हैं। इससे यह स्पष्ट संकेत मिलता है कि पार्टी नेतृत्व इस चुनाव को पूरी गंभीरता के साथ ले रहा है और प्रदेश संगठन के शीर्ष पद पर ऐसे चेहरे को लाना चाहता है जो संगठनात्मक अनुशासन और नेतृत्व क्षमता में सशक्त हो।
भाजपा के राष्ट्रीय नेतृत्व ने इस बार प्रदेश अध्यक्ष के चयन में कुछ प्रमुख मानकों संगठनात्मक मजबूती, जमीनी पकड़, और विस्तृत स्वीकार्यता को प्राथमिकता दी है। यह माना जा रहा है कि चुनाव प्रक्रिया पूरी होने के बाद नया प्रदेश अध्यक्ष भाजपा को उत्तर प्रदेश में और अधिक सशक्त नेतृत्व प्रदान करेगा।
चुनावी माहौल तेज, कार्यकर्ताओं में उत्साह
चुनाव कार्यक्रम घोषित होने के साथ ही लखनऊ स्थित भाजपा मुख्यालय में हलचल बढ़ गई है। प्रदेश भर से कार्यकर्ता, पदाधिकारी और वरिष्ठ नेता पहुंचने लगे हैं। सभी की निगाहें 13 और 14 दिसंबर पर टिकी हैं, जब प्रदेश संगठन का नया नेतृत्व घोषित हो जाएगा।
















