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धर्माचार्य ने बताया, वाल्मीकि ब्राह्मण थे, उनके बारे में अन्य कुछ कहना पूर्णत: असत्य

धर्माचार्य ने बताया, वाल्मीकि ब्राह्मण थे, उनके बारे में अन्य कुछ कहना पूर्णत: असत्य

प्रतापगढ़, 6 अक्टूबर 2025। 7 अक्टूबर 2025 को बाल्मीकि जयंती है। इसकी पूर्व संध्या पर रामानुज आश्रम के धर्माचार्य ओम प्रकाश पांडे अनिरुद्ध रामानुजदास ने महर्षि वाल्मीकि के जीवन और योगदान पर प्रकाश डाला। उन्होंने वाल्मीकि को ब्राह्मण बताते हुए उनके बारे में प्रचलित भ्रांतियों को खारिज किया। धर्माचार्य ने कहा कि वाल्मीकि के बारे में अन्य कुछ कहना पूर्णतः असत्य है।

वाल्मीकि ने नैमिषारण्य में भगवान श्रीराम के अश्वमेध यज्ञ के दौरान महर्षियों के समक्ष स्वयं को प्रचेता (वरुण) का दसवां पुत्र बताया था। धर्माचार्य ने रामायण के एक श्लोक का उल्लेख किया, जिसमें वाल्मीकि कहते हैं, “प्रचेतसोऽहं दशम: पुत्रो राघव नंदन। न स्मराम्यनृतं वाक्यमिमौ तु तव पुत्रकौ।।” अर्थात, हे रघुकुल नंदन, मैं प्रचेता का दसवां पुत्र हूं। मेरे मुंह से कभी झूठ नहीं निकला। मैं सत्य कहता हूं कि लव और कुश आपके पुत्र हैं। वाल्मीकि ने यह भी कहा था कि यदि सीता में कोई दोष हो तो उनकी हजारों वर्षों की तपस्या का फल नष्ट हो जाए। वाल्मीकि ने इस प्रकार सीता की पवित्रता और लव-कुश के श्रीराम के पुत्र होने की पुष्टि की थी।

धर्माचार्य ने बताया कि वाल्मीकि ने रामायण जैसा महाकाव्य रचकर विश्व को एक अमर ग्रंथ प्रदान किया। अन्य रामायणों को लोगों ने सुना, किंतु वाल्मीकि रचित रामायण को स्वयं मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम ने श्रवण किया। उन्होंने “राम” मंत्र की महिमा का भी वर्णन किया। नारद जी ने वाल्मीकि को “ॐ नमो भगवते वासुदेवाय” मंत्र दिया, लेकिन वाल्मीकि ने “मरा” को उलटकर “राम” बनाया, जिससे बोलने पर बार-बार “राम-राम” उच्चारण होने लगा।

उन्होंने वाल्मीकि को प्रथम कवि बताते हुए कहा कि नारद प्रथम पत्रकार, व्यास प्रथम संपादक, गणेश प्रथम लेखक और संजय महाभारत काल में प्रथम इलेक्ट्रॉनिक मीडिया संवाददाता थे। भगवान श्रीमन्नारायण को समस्त सृष्टि का स्वामी बताते हुए उन्होंने वाल्मीकि के योगदान को सनातन धर्म का आधार माना। बाल्मीकि जयंती के उपलक्ष्य में आश्रम में विशेष आयोजन की तैयारी है, जिसमें भक्तों से वाल्मीकि के जीवन से प्रेरणा लेने का आह्वान किया गया। धर्माचार्य ने लोगों से वाल्मीकि के आदर्शों को अपनाने और राम मंत्र के जाप पर बल दिया।