विकास दुबे के 4 साथियों को कोर्ट ने सुनाई सजा

लखनऊ, 10 अप्रैल 2026। उत्तर प्रदेश में कानपुर के चर्चित बिकरू कांड से जुड़े मामले में अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया है। अदालत ने एनकाउंट में मारे गये गैंगेस्टर विकास दुबे के 4 साथियों को सजा सुनाई है। कानपुर में एडीजे-27 की कोर्ट ने अत्याधुनिक और प्रतिबंधित हथियारों के साथ फरार हुए आरोपियों को दोषी करार देते हुए उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की है। यह वही हथियार थे, जिनका इस्तेमाल विकास दुबे और उसके गैंग ने 2 जुलाई 2020 की रात किया था, जिसमें सीओ देवेंद्र मिश्रा सहित 8 पुलिसकर्मियों की हत्या कर दी गई थी।

सरकारी वकीलों डीजीसी दिलीप अवस्थी, एडीजीसी विनोद त्रिपाठी और दिनेश अग्रवाल ने बताया कि संजय, अभिनव, रामजी और शुभम के खिलाफ आर्म्स एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था। अदालत ने सभी गवाहों और पेश किए गए साक्ष्यों को मजबूत मानते हुए चारों को दोषी पाया और सजा सुनाई।

कोर्ट ने किसे दी कितनी सजा

  • रामजी और संजय को 7-7 साल के कठोर कारावास
  • अभिनव और शुभम को ढाई-ढाई साल की जेल
  • रामजी पर 15 हजार रुपये जुर्माना
  • संजय पर 10 हजार रुपये जुर्माना
  • अभिनव व शुभम पर 5-5 हजार रुपये का जुर्माना

विकास दुबे के साथ बिकरू कांड में शामिल रहे

बिकरू हत्याकांड के बाद ये सभी आरोपी फरार हो गए थे और पनकी क्षेत्र में राजस्थान के तस्करों को हथियार बेचने की फिराक में थे। इसी दौरान पुलिस ने घेराबंदी कर उन्हें एक अंडरपास के पास से गिरफ्तार कर लिया था और बाद में जेल भेज दिया गया।

पुलिस के अनुसार, 1 मार्च 2021 को हुई गिरफ्तारी के दौरान आरोपियों के पास से बड़ी मात्रा में घातक हथियार बरामद किए गए थे। संजय के पास से ऑटोमैटिक कार्बाइन मशीन गन मिली थी, जबकि अभिनव के पास से अमेरिकी कंपनी की स्प्रिंगफील्ड राइफल बरामद हुई। वहीं रामजी और शुभम के पास से एके-47 के राउंड, रिवॉल्वर, देसी तमंचे और भारी मात्रा में जिंदा कारतूस मिले थे।

बिकरू कांड के बाद मुख्य आरोपी विकास दुबे के एनकाउंटर में मारे जाने के बाद उसके ये साथी हथियारों के साथ फरार हो गए थे। पुलिस की लगातार कार्रवाई और जांच के बाद अंततः उन्हें गिरफ्तार किया गया और अब अदालत ने इस मामले में सख्त रुख अपनाते हुए सजा सुना दी है।