मोदी सरकार को हटाने बाइडन ने की थी 2.1 करोड डॉलर की फंडिंग !

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अमेरिकी फंडिंग पर ट्रंप का बड़ा दावा: भारत और बांग्लादेश के चुनावों में दखल की आशंका

नई दिल्ली, 20 फरवरी 2025। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बड़ा दावा करते हुए कहा है कि पूर्ववर्ती बाइडन सरकार ने भारत और बांग्लादेश सहित कई देशों में चुनावी प्रक्रिया को प्रभावित करने के लिए वित्तीय सहायता दी थी। ट्रंप के मुताबिक, भारत में 2024 के आम चुनाव के दौरान मतदान प्रतिशत बढ़ाने के नाम पर 2.1 करोड़ डॉलर की अमेरिकी फंडिंग की गई थी।

डोनाल्ड ट्रंप ने मियामी में आयोजित एक कार्यक्रम में यह दावा किया कि अमेरिकी एजेंसी USAID के जरिए भारत में मतदान बढ़ाने के लिए 2.1 करोड़ डॉलर की सहायता दी गई थी। उन्होंने इस पर सवाल उठाते हुए कहा, हमें भारत में मतदान प्रतिशत बढ़ाने के लिए 2.1 करोड़ डॉलर देने की क्या जरूरत थी? मुझे लगता है कि वे (बाइडन सरकार) किसी और को चुनाव जिताना चाहते थे। हमें इस बारे में भारत सरकार को बताना चाहिए… यह चौंकाने वाला है। ट्रंप ने यह भी कहा कि यह मुद्दा भारत के लिए भी विचारणीय है और इसे गंभीरता से लिया जाना चाहिए।

बांग्लादेश में सत्ता परिवर्तन और अमेरिकी भूमिका

ट्रंप के इस बयान के साथ ही अमेरिका की दक्षता विभाग (Department of Government Efficiency – DOGE) की एक रिपोर्ट भी चर्चा में है, जिसमें यह खुलासा हुआ है कि अमेरिका ने बांग्लादेश में राजनीतिक स्थिरता के नाम पर 2.9 करोड़ डॉलर की फंडिंग की थी। यह फंडिंग उस समय की गई जब बांग्लादेश में शेख हसीना सरकार सत्ता से बाहर हुई और मोहम्मद यूनुस के नेतृत्व में अंतरिम सरकार बनी।

इस रिपोर्ट के सामने आने के बाद कई विश्लेषकों ने सवाल उठाए हैं कि क्या बांग्लादेश में सत्ता परिवर्तन में अमेरिकी हस्तक्षेप की भूमिका थी? ट्रंप ने भी इस मुद्दे को उठाते हुए कहा कि बांग्लादेश में अस्थिरता के लिए डीप स्टेट (गुप्त शक्ति केंद्र) जिम्मेदार हो सकते हैं।

नेपाल को भी दी गई आर्थिक सहायता

ट्रंप के मुताबिक, अमेरिका द्वारा नेपाल को जैव विविधता संरक्षण के नाम पर 3.9 करोड़ डॉलर की फंडिंग भी दी गई है। हालांकि, इस सहायता के पीछे की वास्तविक मंशा को लेकर भी सवाल उठाए जा रहे हैं।

भारत सरकार की प्रतिक्रिया का इंतजार

डोनाल्ड ट्रंप के इन दावों पर अब तक भारत सरकार की ओर से कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है। लेकिन यदि ये आरोप सही साबित होते हैं, तो यह भारत-अमेरिका संबंधों के लिए एक अहम मुद्दा बन सकता है।

विपक्ष के दावे पर भी उठे सवाल

अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा किए गए खुलासे के बाद भारत में 2024 के आम चुनावों के दौरान विपक्ष के दावों पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। चुनाव प्रचार के दौरान इंडिया गठबंधन के कुछ प्रमुख नेता बार-बार यह दावा कर रहे थे कि “लिखकर रख लीजिए, मोदी सरकार नहीं आएगी।” अब ट्रंप के बयान के बाद यह अटकलें तेज हो गई हैं कि क्या अमेरिकी फंडिंग का मुद्दा विपक्षी दलों की चुनावी रणनीति से जुड़ा था?

क्या चुनावी साजिश का हिस्सा थी अमेरिकी फंडिंग?

ट्रंप के मुताबिक, अमेरिकी सरकार ने 2024 में भारत में मतदान प्रतिशत बढ़ाने के लिए 2.1 करोड़ डॉलर की फंडिंग की थी। हालांकि, इस फंडिंग का वास्तविक उद्देश्य क्या था, इसे लेकर अब कई सवाल खड़े हो गए हैं। क्या यह फंडिंग केवल लोकतांत्रिक प्रक्रिया को मजबूत करने के लिए थी, या इसके पीछे कोई बड़ा राजनीतिक एजेंडा था?

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि इस फंडिंग का उपयोग किसी खास राजनीतिक दल को फायदा पहुंचाने के लिए किया गया था, तो यह भारत की संप्रभुता और लोकतांत्रिक मूल्यों के लिए एक गंभीर विषय बन सकता है। अब सवाल यह भी उठ रहा है कि क्या इंडिया गठबंधन के कुछ नेता इस कथित साजिश के सूत्रधार थे?

नोट: यह रिपोर्ट विभिन्न मीडिया स्रोतों में आई खबरों पर आधारित है। किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले आधिकारिक पुष्टि आवश्यक है।

Ramesh Pandey

मेरा नाम रमेश पाण्डेय है। पत्रकारिता मेरा मिशन भी है और प्रोफेशन भी। सत्य और तथ्य पर आधारित सही खबरें आप तक पहुंचाना मेरा कर्तव्य है। आप हमारी खबरों को पढ़ें और सुझाव भी दें।

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