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WHO प्रमुख ने की पीएम मोदी की प्रशंसा

WHO प्रमुख ने की पीएम मोदी की प्रशंसा, आयुष को बताया वैश्विक पहचान का आधार

नई दिल्ली, 21 दिसंबर 2025। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के महानिदेशक डॉ. टेड्रोस अदनोम घेब्रेयेसस ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व की खुले शब्दों में सराहना की है। उन्होंने सोशल मीडिया पर प्रधानमंत्री मोदी के साथ अपनी एक तस्वीर साझा करते हुए भारत द्वारा पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों को वैश्विक मंच पर स्थापित करने के प्रयासों की प्रशंसा की। डॉ. टेड्रोस का यह बयान अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत की बढ़ती भूमिका और स्वास्थ्य क्षेत्र में उसकी पहल को रेखांकित करता है।

डॉ. टेड्रोस ने अपने संदेश में लिखा, नरेन्द्र मोदी जी, आपका बहुत-बहुत धन्यवाद। आपके नेतृत्व के कारण भारत ने पारंपरिक चिकित्सा को विश्व स्तर पर स्थान दिलाया है। उन्होंने कहा कि आयुष मंत्रालय की स्थापना से लेकर गुजरात के जामनगर में विश्व स्वास्थ्य संगठन के वैश्विक पारंपरिक चिकित्सा केंद्र के निर्माण तक, भारत ने यह सिद्ध किया है कि परंपरा और आधुनिक सोच, विरासत और विज्ञान एक साथ आगे बढ़ सकते हैं।

WHO प्रमुख ने यह भी कहा कि भारत का दृष्टिकोण केवल अपने देश तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरी दुनिया के लिए स्वास्थ्य के क्षेत्र में एक समग्र और संतुलित मॉडल प्रस्तुत करता है। उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी के वन अर्थ, वन हेल्थ (One Earth, One Health) के विचार का समर्थन करते हुए कहा कि वे भी इस सोच में गहरा विश्वास रखते हैं। यह अवधारणा मानव स्वास्थ्य, पर्यावरण और जैव विविधता के बीच आपसी संबंधों को मजबूत करने पर आधारित है।

गौरतलब है कि भारत ने हाल के वर्षों में आयुर्वेद, योग, सिद्ध, यूनानी और होम्योपैथी जैसी पारंपरिक चिकित्सा प्रणालियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने के लिए कई ठोस कदम उठाए हैं। जामनगर में स्थापित WHO का वैश्विक पारंपरिक चिकित्सा केंद्र इसी दिशा में एक ऐतिहासिक पहल मानी जा रही है, जिसका उद्देश्य विश्वभर में पारंपरिक चिकित्सा के लिए मानक, शोध और सहयोग को बढ़ावा देना है।

डॉ. टेड्रोस के इस बयान को भारत की वैश्विक स्वास्थ्य कूटनीति की बड़ी सफलता के रूप में देखा जा रहा है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि इससे न केवल आयुष पद्धतियों को अंतरराष्ट्रीय स्वीकृति मिलेगी, बल्कि भारत की सांस्कृतिक विरासत और वैज्ञानिक दृष्टिकोण का भी वैश्विक स्तर पर सम्मान बढ़ेगा। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत का यह प्रयास दुनिया को यह संदेश देता है कि सतत और समग्र स्वास्थ्य विकास के लिए परंपरा और आधुनिक विज्ञान का समन्वय अनिवार्य है।