भुवनेश्वर, 18 दिसंबर 2025। ज़ेवियर इंस्टीट्यूट ऑफ़ मैनेजमेंट, भुवनेश्वर (XIMB) में 14 दिसंबर 2025 को X-Fin: द फ़ाइनेंस एसोसिएशन ऑफ़ XIMB के वार्षिक बिज़नेस कॉन्क्लेव फिनॉमिक्स 2025 का आयोजन किया गया। कॉन्क्लेव की थीम रीइमैजिनिंग कैपिटल मार्केट्स: फ्रॉम ट्रेडिशनल डील्स टू टेक-ड्रिवन फ़ाइनेंस रखी गई थी। जिसमें बदलते वित्तीय परिदृश्य, प्रौद्योगिकी की भूमिका और पूंजी बाज़ारों के भविष्य पर गहन विचार-विमर्श हुआ।
कॉन्क्लेव की शुरुआत दीप प्रज्वलन के साथ हुई। इसके बाद XIM यूनिवर्सिटी के अकाउंटिंग एवं फ़ाइनेंस के प्रोफ़ेसर डॉ. डी. वी. रमणा ने स्वागत संबोधन दिया। उन्होंने कॉर्पोरेट फ़ाइनेंस, वैश्विक बाज़ारों और वित्तीय प्रणालियों के बीच सहयोग की आवश्यकता पर प्रकाश डाला। साथ ही, टेक-सक्षम उद्यमों के उभार के बीच वित्तीय संस्थानों की बदलती भूमिका के बारे में बताया।
पहले वक्ता, प्रयाग मोहंती, प्रिंसिपल, फ़ायरसाइड वेंचर्स ने वेंचर कैपिटल में अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने बताया कि शुरुआती 2010 के दशक में स्टार्टअप्स के सामने सबसे बड़ी चुनौती अवसंरचना और डेटा प्रणालियों की कमी थी। UPI और मज़बूत डेटा इकोसिस्टम के आने से उपभोक्ता-टेक मॉडलों में तेज़ी, पैमाना और लागत दक्षता संभव हुई। उन्होंने कहा कि निवेश में उस 15–20 प्रतिशत तत्व की पहचान ज़रूरी है जो 80–85 प्रतिशत मूल्य सृजित करता है।
दूसरे वक्ता, सत्यजीत त्रिपाठी, होल टाइम मेंबर (डिस्ट्रिब्यूशन), IRDAI ने बीमा क्षेत्र में आधुनिकीकरण की आवश्यकता पर ज़ोर दिया। उन्होंने डेटा को मूल्यवान परिसंपत्ति बताते हुए कहा कि बीमा का मूल सिद्धांत दीर्घकालिक और बहु-स्तरीय जोखिम विविधीकरण है, चाहे वह देश के भीतर हो या वैश्विक स्तर पर।
आनंद सुराना, कंट्री हेड, अल्ट्राटेक सीमेंट ने कहा कि बचत विकास को गति देती है, लेकिन दीर्घकालिक स्थिरता तकनीकी प्रगति से आती है। उन्होंने डिजिटलाइजेशन और फिनटेक के माध्यम से वित्तीय भागीदारी के लोकतंत्रीकरण की बात कही और वित्तीय साक्षरता को अनिवार्य बताया।
सुश्री निधि मुरारका शाह, वाइस प्रेसिडेंट, वेल्थ मैनेजमेंट, मॉर्गन स्टैनली ने बताया कि AI और उन्नत एनालिटिक्स पूंजी बाज़ारों को नए सिरे से आकार दे रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि AI मानवीय निर्णय क्षमता का स्थान नहीं ले सकता, बल्कि उसे और सशक्त बनाता है।
अंतिम वक्ता, दीपक मोहंती, एग्ज़ीक्यूटिव डायरेक्टर, वेल्स फ़ार्गो ने वित्त के मैनुअल सिस्टम से स्वचालित, डेटा और AI-चालित मॉडल तक के विकास को रेखांकित किया। उन्होंने ट्रेड लाइफ़ साइकिल में हो रहे तकनीकी बदलावों पर प्रकाश डाला।
कॉन्क्लेव में नेतृत्व, नवाचार और उभरती प्रौद्योगिकियों पर भी चर्चा हुई। प्रश्नोत्तर सत्र में छात्रों ने सक्रिय सहभागिता की। कार्यक्रम का समापन डॉ. डी. वी. रमणा के समापन वक्तव्य और X-Fin के समन्वयक के धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ।

















