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आईसीटी प्रतियोगिता में योगेश प्रताप सिंह पुरुष वर्ग में प्रथम

आईसीटी प्रतियोगिता में योगेश प्रताप सिंह पुरुष वर्ग में प्रथम

प्रतापगढ़, 20 नवम्बर 2025। जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट) अतरसण्ड में बुधवार को आयोजित जनपद स्तरीय सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी (आईसीटी) प्रतियोगिता में जिले के विभिन्न विद्यालयों से आए शिक्षकों एवं शिक्षिकाओं ने प्रतिभाग किया। प्रतियोगिता में उच्च प्राथमिक विद्यालय रसूलपुर हैदरपुर, विकास खण्ड आसपुर देवसरा के सहायक अध्यापक योगेश प्रताप सिंह ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए पुरुष वर्ग में प्रथम स्थान प्राप्त किया।
कार्यक्रम का शुभारम्भ उप शिक्षा निदेशक/ प्राचार्य रमेश कुमार तिवारी ने किया । उन्होंने कहा कि सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी का प्रभावी उपयोग शिक्षण की गुणवत्ता बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है तथा शिक्षकों को आधुनिक डिजिटल साधनों के साथ अद्यतन रहना समय की आवश्यकता है।

प्रतियोगिता का संयोजन वरिष्ठ प्रवक्ता (प्रशिक्षण एवं शिक्षा सेवा) आज़ाद यादव (पीईएस) और वरिष्ठ प्रवक्ता शिव प्रकाश यादव (पी०ई०एस०) द्वारा किया गया; कार्यक्रम की प्रभारी शिक्षा यादव (प्रवक्ता) रहीं । आयोजकों ने बताया कि प्रतियोगिता का उद्देश्य शिक्षकों की डिजिटल दक्षता में वृद्धि करना और विद्यालयों में प्रौद्योगिकी आधारित नवाचारों को प्रोत्साहित करना है। प्रतिभागियों के मूल्यांकन हेतु कुल बारह बिंदु निर्धारित किए गए थे सूचना प्रौद्योगिकी आधारित अध्यापन, विद्यालय के नामांकन एवं उपस्थिति में प्रौद्योगिकी का प्रभाव, अधिगम वृद्धि, दीक्षा शैक्षणिक मंच पर पाठ्यक्रमों की पूर्णता, ई-सामग्री निर्माण, पाठ्यपुस्तक के क्यूआर कोड का उपयोग, पीएम ई-विद्या चैनलों के प्रसार के प्रयास, विद्यालय में उपलब्ध प्रौद्योगिकी उपकरणों का उपयोग, शिक्षक-अभिभावक-विद्यार्थी में डिजिटल जागरूकता, प्रौद्योगिकी आधारित मूल्यांकन पद्धति, विभिन्न परीक्षाओं की तैयारी में तकनीकी सहयोग तथा शैक्षणिक वर्षों 2024–25 व 2025–26 में किए गए नवाचार।

इन सभी मानकों पर योगेश प्रताप सिंह का प्रदर्शन अत्यंत प्रभावशाली रहा। उन्होंने दीक्षा ऐप पर 450 पाठ्यक्रम, 1586.5 अध्ययन घंटे, दो प्रौद्योगिकी आधारित परियोजनाएं प्रस्तुत कीं तथा वर्ष 2015 से प्रतिदिन प्रौद्योगिकी का सतत एवं प्रभावी उपयोग के साथ ही जनपद के शिक्षकों में डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म के उपयोग की स्वीकार्यता को बढ़ावा दिया, जिसने निर्णायक मंडल को विशेष रूप से प्रभावित किया ।

उनकी इस उपलब्धि पर जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी भूपेन्द्र सिंह तथा खण्ड शिक्षा अधिकारी आसपुर देवसरा सुशील कुमार त्रिपाठी ने शुभकामनाएं देते हुए कहा कि सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में उनका समर्पण अन्य शिक्षकों के लिए अनुकरणीय है। इस उपलब्धि से विद्यालय परिवार, सहकर्मी शिक्षकों एवं स्थानीय शिक्षा समुदाय में प्रसन्नता व्याप्त है। विद्यालय प्रशासन ने आशा व्यक्त की कि यह सफलता विद्यार्थियों की अधिगम प्रगति को और बेहतर बनाने में सहायक सिद्ध होगी तथा जिले में प्रौद्योगिकी आधारित शिक्षण के लिए नई दिशा प्रदान करेगी।