रायपुर, 27 फरवरी 2026। प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना (पीएम-वीबीआरवाई) के लाभार्थियों के लिए महत्वपूर्ण अपडेट आया है। भारत सरकार इस योजना के तहत सहायता की पहली किस्त मार्च 2026 के अंत तक जारी करने की तैयारी में है। यह योजना 1 अगस्त 2025 से लागू है, जिसका उद्देश्य 1 अगस्त 2025 से 31 जुलाई 2027 तक 3.5 करोड़ से अधिक नए रोजगार सृजित करना है।
कुल बजट 99,446 करोड़ रुपये है। योजना के भाग अ के तहत पहली बार औपचारिक नौकरी (ईपीएफओ में पंजीकृत) पाने वाले कर्मचारियों को अधिकतम 15,000 रुपये का प्रोत्साहन मिलेगा। यह राशि दो किस्तों में दी जाएगी। पहली किस्त 6 महीने की निरंतर सेवा पूरी करने के बाद (अधिकतम 7,500 रुपये तक) और दूसरी किस्त 12 महीने की सेवा तथा वित्तीय साक्षरता कोर्स पूरा करने पर।
वेतन 1 लाख रुपये तक के कर्मचारी पात्र हैं। कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) और संबंधित विभागों ने सख्त दिशानिर्देश जारी किए हैं। क्षेत्रीय कार्यालय रायपुर के क्षेत्रीय भविष्य निधि आयुक्त द्वितीय गौरव डोंगरा ने बताया कि प्रत्येक नए सदस्य और पहली बार सदस्यता लेने वाले व्यक्ति के लिए यूनिवर्सल अकाउंट नंबर (यूएएन) का फेस आॅथेंटिकेशन टेक्नोलॉजी से सत्यापन अनिवार्य है।
इन बिंदुओं पर डालें एक नजर
- उमंग ऐप पर यह सुविधा उपलब्ध है।
- बिना डिजिटल सत्यापन के लाभ नहीं मिलेगा।
- तकनीकी समस्या आने पर तुरंत क्षेत्रीय ईपीएफओ कार्यालय से संपर्क करें।
- प्रोत्साहन राशि डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (डीबीटी) से लाभार्थी के बैंक खाते में सीधे ट्रांसफर होगी।
- इसके लिए बैंक खाता ‘डीबीटी सक्षम’ (आधार लिंक्ड) होना जरूरी है।
- यदि खाता अभी जुड़ा नहीं है, तो तुरंत बैंक शाखा से संपर्क कर सक्रिय करें।
यह होना भी जरुरी
जो प्रतिष्ठान नियमित इलेक्ट्रॉनिक चालान-सह-रिटर्न (ईसीआर) दाखिल नहीं करते या अंशदान में देरी करते हैं, उनके कमर्चारियों को लाभ से वंचित किया जा सकता है। सभी संस्थानों से समय पर रिटर्न और अंशदान जमा करने का आग्रह किया गया है। यह योजना युवाओं को औपचारिक रोजगार में प्रोत्साहित करेगी और विकसित भारत@2047 के लक्ष्य को मजबूत बनाएगी।













