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प्रतापगढ़ का ई-रिक्शा चालक कृष्णा सरोज अब IPL में बिखेरेगा जलवा, किंग्स इलेवन पंजाब ने चुना

Ramesh Pandey
By Ramesh Pandey On मार्च 7, 2026
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कृष्णा सरोज अब IPL में बिखेरेगा जलवा

प्रतापगढ़, 7 मार्च 2026। अगर इरादे फौलादी हों और सपनों में जान हो, तो गरीबी और अभाव भी रास्ता नहीं रोक सकते। उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ जिले के एक छोटे से गांव के रहने वाले कृष्णा सरोज ने इस बात को सच कर दिखाया है। ई-रिक्शा चलाकर परिवार की मदद करने वाले इस होनहार क्रिकेटर का चयन दुनिया की सबसे बड़ी क्रिकेट लीग IPL (इंडियन प्रीमियर लीग) के लिए हुआ है।

कृष्णा सरोज की कहानी किसी फिल्मी पटकथा से कम नहीं है। उनके पिता, बाबू लाल सरोज, एक ईंट भट्ठा श्रमिक हैं और माता मीरा देवी गृहणी हैं। पांच भाई-बहनों में चौथे नंबर के कृष्णा का बचपन अभावों में बीता।

क्रिकेट के प्रति दीवानगी ऐसी थी कि हाईस्कूल के बाद उन्होंने पढ़ाई छोड़ दी ताकि खेल पर ध्यान दे सकें। पिता की आर्थिक स्थिति ठीक न होने के कारण कृष्णा खुद ई-रिक्शा चलाने लगा। वह ई-रिक्शा चलाकर घर का खर्च निकालता, लेकिन जब भी कहीं मैच का मौका मिलता, वह दो घंटे के लिए रिक्शा खड़ा कर मैदान में उतर जाता।

नेट बॉलर के रूप में चयन

प्रतापगढ़ के बिहार ब्लॉक स्थित कोर्रही सराय अंधराय गांव के निवासी कृष्णा सरोज को किंग्स इलेवन पंजाब (PBKS) ने अपनी टीम में बतौर नेट बॉलर शामिल किया है। रणजी ट्रॉफी में अपने शानदार प्रदर्शन के दम पर कृष्णा ने आईपीएल चयनकर्ताओं का ध्यान अपनी ओर खींचा। उनकी तेज गेंदबाजी और सधी हुई बल्लेबाजी ने उन्हें इस मुकाम तक पहुँचाया है।

डॉक्टरों और खेल प्रेमियों ने दिया सहारा

कृष्णा की प्रतिभा को पहचान दिलाने में स्थानीय मेडिकल कॉलेज के चिकित्सकों और खेल प्रेमियों की बड़ी भूमिका रही। सेफ प्रो क्रिकेट एकेडमी में अभ्यास के दौरान उनकी मुलाकात कुछ डॉक्टरों से हुई, जिन्होंने उनकी आर्थिक मदद की। उनकी ट्रेनिंग और किट का खर्च इन्हीं खेल प्रेमियों ने वहन किया, जिससे कृष्णा का मनोबल बढ़ा और उन्होंने जिला लीग में बेहतरीन प्रदर्शन किया।

परिजनों को किया गया सम्मानित

कृष्णा के चयन की खबर मिलते ही उनकी दादी गायत्री देवी और पूरे परिवार की आंखों में खुशी के आंसू छलक आए। सामाजिक कार्यकर्ता रवि प्रकाश सिंह ‘चन्दन’ ने गांव पहुंचकर परिजनों का मुंह मीठा कराया और उन्हें सम्मानित किया। इस अवसर पर क्षेत्र पंचायत सदस्य राम सजीवन सरोज सहित गांव के कई गणमान्य नागरिक मौजूद रहे और कृष्णा के उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

गांव में बुनियादी सुविधाओं का अभाव

एक तरफ जहां कृष्णा ने आईपीएल तक पहुंचकर गांव का नाम रोशन किया है, वहीं दूसरी ओर बुनियादी सुविधाओं का अभाव अब भी बरकरार है। कृष्णा के घर तक जाने के लिए आज भी केवल एक ऊबड़-खाबड़ पगडंडी वाला रास्ता है।

कृष्णा की मां मीरा देवी ने भावुक होते हुए बताया, हमारी तीसरी पीढ़ी इस घर में रह रही है, लेकिन आज भी यहां एम्बुलेंस नहीं आ सकती। अगर कोई बीमार हो जाए तो साइकिल या बाइक ही एकमात्र सहारा है। हम प्रशासन से मांग करते हैं कि हमारे घर तक पक्का रास्ता बनवाया जाए।

प्रतापगढ़ के कृष्णा सरोज की यह उपलब्धि न केवल जिले के लिए गौरव की बात है, बल्कि उन हजारों युवाओं के लिए प्रेरणा है जो संसाधनों की कमी को अपनी कमजोरी मानते हैं। अब सबकी नजरें आईपीएल के मैदान पर होंगी, जहां यह युवा खिलाड़ी अपनी रफ्तार से दिग्गजों को छकाएगा।

Ramesh Pandey

Ramesh Pandey

रमेश पांडेय (Ramesh Pandey) एक अनुभवी पत्रकार हैं, जिन्हें डिजिटल मीडिया और क्षेत्रीय समाचार रिपोर्टिंग में 20 वर्षों का अनुभव है।