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भाई-बहन ने एक साथ पास की UPSC परीक्षा

उपाध्याय परिवार के बच्चों ने रचा इतिहास, भाई-बहन ने एक साथ पास की UPSC परीक्षा

आजमगढ़, 7 मार्च 2026। उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले में उपाध्याय परिवार के बच्चों ने 6 मार्च 2026 के दिन को स्वर्णिम अक्षरों में लिख दिया। जिले के बिलरियागंज क्षेत्र के शांतिपुर गांव के मेधावी भाई-बहन ने संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की सिविल सेवा परीक्षा में सफलता का परचम लहराकर इतिहास रच दिया है। उपाध्याय परिवार के इन बच्चों की उपलब्धि ने न केवल गांव बल्कि पूरे जनपद का नाम देश भर में रोशन कर दिया है।

शांतिपुर गांव के निवासी अधिवक्ता सूर्यप्रकाश उपाध्याय और शिक्षिका प्रतिभा उपाध्याय के घर में दोहरी खुशी का माहौल है। उनके पुत्र आदित्य हृदय उपाध्याय ने यूपीएससी परीक्षा में 154वीं रैंक हासिल की है। उनकी छोटी बहन आयुषी उपाध्याय ने 361वीं रैंक प्राप्त कर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है।

दोनों भाई-बहन बचपन से ही मेधावी रहे हैं और उनकी शैक्षणिक यात्रा उपलब्धियों से भरी रही है। आदित्य हृदय उपाध्याय ने आईआईटी रुड़की से बीटेक की पढ़ाई की और वहां गोल्ड मेडल हासिल किया।

आयुषी उपाध्याय ने नेशनल लॉ कॉलेज से ग्रेजुएशन किया और भाई की तरह ही गोल्ड मेडल प्राप्त कर अपनी विशिष्ट पहचान बनाई।

यह सफलता रातों-रात नहीं मिली, बल्कि इसके पीछे कड़ी मेहनत और निरंतरता है। आदित्य हृदय उपाध्याय वर्तमान में आईआरएस (IRS) के रूप में असिस्टेंट कमिश्नर इनकम टैक्स के पद पर कार्यरत हैं। पद पर रहते हुए भी उन्होंने अपनी तैयारी जारी रखी और रैंक में सुधार किया। दूसरी ओर, आयुषी उपाध्याय ने अपने दूसरे प्रयास में ही यूपीएससी जैसी कठिन परीक्षा को क्रैक कर लिया।

जैसे ही रिजल्ट की सूचना गांव में पहुंची, शांतिपुर गांव में उत्सव जैसा माहौल बन गया। ग्रामीणों ने एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर बधाई दी। ग्रामीणों का कहना है कि आदित्य और आयुषी की इस जोड़ी ने यह साबित कर दिया है कि यदि इरादे मजबूत हों, तो ग्रामीण परिवेश से निकलकर भी सफलता के उच्चतम शिखर को छुआ जा सकता है।

पिता सूर्यप्रकाश उपाध्याय ने कहा कि बच्चों की इस सफलता से हम अभिभूत हैं। उनकी मेहनत और लगन ने आज हमें समाज में सिर ऊंचा करने का मौका दिया है।