Join US

भारतीय संविधान अब सिंधी भाषा में उपलब्ध

उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने सिंधी भाषा में, देवनागरी और फ़ारसी दोनों लिपियों में भारत का संविधान जारी किया। इसके बाद से भारतीय संविधान अब सिंधी भाषा में उपलब्ध हो गया है।

नई दिल्ली, 11 अप्रैल 2026। भारतीय संविधान अब सिंधी भाषा में उपलब्ध हो गया है। उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने 10 अप्रैल 2026 को नई दिल्ली में उपराष्ट्रपति भवन में सिंधी भाषा में भारत का संविधान जारी किया। संविधान को देवनागरी और फ़ारसी, दोनों लिपियों में प्रकाशित किया गया है, जिससे सिंधी भाषी समुदाय तक इसकी पहुंच और भी आसान हो गई है।

सिंधी भाषा दिवस के अवसर पर इस दस्तावेज़ को जारी करते हुए उपराष्ट्रपति ने अपनी खुशी ज़ाहिर की। सिंधी समुदाय के समृद्ध ऐतिहासिक सफ़र पर रोशनी डालते हुए उन्होंने कहा कि सिंधी भाषा, खासकर भारत के बंटवारे के बाद के मुश्किल दौर में, जीवटता और एकता का प्रतीक बनकर उभरी है।

सीपी राधाकृष्णन ने इस बात पर ज़ोर दिया कि संविधान को सिंधी भाषा में उपलब्ध कराना देश में भाषाई समावेशिता को आगे बढ़ाने की दिशा में एक अहम पड़ाव है। उन्होंने कहा कि ऐसी पहल से नागरिकों को संविधान को अपनी मातृभाषा में समझने का मौका मिलता है, जिससे लोकतांत्रिक भागीदारी और शासन-प्रशासन में जनता का भरोसा और भी मज़बूत होता है।

उन्होंने आगे कहा कि भारत जैसे विविध और बहुभाषी देश में, ज़रूरी दस्तावेज़ों को क्षेत्रीय भाषाओं में उपलब्ध कराने की कोशिशें लोगों को लोकतांत्रिक ढांचे से जोड़ने में अहम भूमिका निभाती हैं। सिंधी भाषा में संविधान की उपलब्धता न सिर्फ़ इस भाषा को सहेजने में मदद करेगी, बल्कि आने वाली पीढ़ियों को उनके अधिकारों और ज़िम्मेदारियों की बेहतर समझ देकर उन्हें सशक्त भी बनाएगी।

कार्यक्रम में केंद्रीय क़ानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल, राजस्थान विधानसभा के अध्यक्ष वासुदेव देवनानी और सांसद शंकर लालवानी प्रमुख रुप से उपस्थित थे। उन्होंने इस पहल की सराहना की और इसे भारत की विविधता में एकता का एक सशक्त प्रतीक बताया।