प्रौद्योगिकी और एआई कॉरिडोर विकसित करेंगे भारत-स्वीडन

गोथेनबर्ग, 19 मई 2026। भारत और स्वीडन ने संयुक्त रुप से प्रौद्योगिकी और एआई कॉरिडोर विकसित करने का फैसला लिया है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा है कि भारत और स्वीडन के बीच सुरक्षा, आर्थिक, प्रौद्योगिकी और नवाचार सहित छह क्षेत्रों में हुए समझौतों और घोषणाओं से भारत-स्वीडन संबंधों को नई ऊर्जा और गति मिलेगी।

स्वीडन की यात्रा पर गये श्री मोदी ने रविवार 17 मई 2026 की देर रात स्वीडन के प्रधानमंत्री उल्फ क्रिस्टर्सन के साथ द्विपक्षीय वार्ता की। इसके बाद दोनों देशों ने छह क्षेत्रों में सहयोग की घोषणा और समझौते किये।

श्री मोदी ने सोमवार को सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में विश्वास व्यक्त किया कि भारत-स्वीडन साझेदारी एक अधिक समृद्ध और भविष्य-दृष्टि संपन्न विश्व के निर्माण में सार्थक योगदान देगी।

उन्होंने कहा, ये समझौते भारत-स्वीडन संबंधों को नई ऊर्जा और गति प्रदान करेंगे। मुझे विश्वास है कि भारत-स्वीडन साझेदारी एक अधिक समृद्ध और भविष्य-दृष्टि संपन्न विश्व के निर्माण में सार्थक योगदान देगी।

इन समझौतों और घोषणाओं के तहत दोनों देशों ने अपने संबंधों को रणनीतिक साझेदारी के स्तर तक ले जाने का निर्णय लिया है। इसके अंतर्गत स्थिरता और सुरक्षा के लिए दोनों देश रणनीतिक संवाद करेंगे। उनके बीच अगली पीढी की आर्थिक साझेदारी होगी। प्रोद्योगिकी के क्षेत्र और लोगों के बीच सहयोग को बल मिलेगा।

इन क्षेत्रों में किया समझौता

  • दोनों देशों ने भारत-स्वीडन संयुक्त नवाचार भागीदारी 2.0 शुरू करने का भी निर्णय लिया है।
  • भारत और स्वीडन संयुक्त रूप से प्रौद्योगिकी और कृत्रिम बुद्धिमत्ता कॉरिडोर का विकास करेंगे।
  • अगले पांच वषों में द्विपक्षीय व्यापार और निवेश को दोगुना करने पर सहमति व्यक्त की है।
  • स्टार्ट अप और नवाचार को बढावा देने के लिए एसएमई और स्टार्ट अप प्लेटफार्म का विकास करेंगे।
  • विकास भी विरासत श्रृंखला के तहत टैगोर-स्वीडन व्याख्यान भी शुरू करने का निर्णय लिया।

उद्योग जगत के नेताओं से मिले मोदी

प्रधानमंत्री ने यूरोपीय उद्योग गोलमेज सम्मेलन में भारत की सुधारोन्मुख विकास यात्रा पर प्रकाश डाला और बताया कि यह अवसंरचना, नवाचार, प्रौद्योगिकी सहित अनेक क्षेत्रों में नए अवसर प्रदान कर रही है।

श्री मोदी ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में कहा, गोथेनबर्ग में यूरोपीय उद्योग गोलमेज सम्मेलन (ईआरटी) को संबोधित करने का सम्मान प्राप्त हुआ। मेरे भाषण में भारत-यूरोप के बढ़ते सामंजस्य, भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौते से खुलने वाले अवसरों, भारत की सुधार-प्रेरित विकास यात्रा तथा प्रौद्योगिकी, स्वच्छ ऊर्जा, अवसंरचना, गतिशीलता और स्वास्थ्य सेवा में सहयोग की व्यापक संभावनाओं पर चर्चा की गई।

एक अन्य पोस्ट में उन्होंने कहा, प्रधानमंत्री उल्फ क्रिस्टर्सन और मैंने गोथेनबर्ग में स्वीडन के उद्योग जगत के नेताओं से मुलाकात की। इस संवाद में महामहिम क्राउन प्रिंसेस विक्टोरिया ने भी भाग लिया। हमने भारत और स्वीडन के बीच आर्थिक संबंधों को और मजबूत बनाने के विभिन्न पहलुओं पर व्यापक चर्चा की, विशेषकर भविष्य की प्रौद्योगिकियों, अनुसंधान एवं विकास, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, सुरक्षा और स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्रों में। मैंने भारत की सुधारोन्मुख विकास यात्रा पर प्रकाश डाला और बताया कि यह अवसंरचना, नवाचार, प्रौद्योगिकी सहित अनेक क्षेत्रों में नए अवसर प्रदान कर रही है।