पद्म विभूषण तीजन बाई का निधन, रायपुर एम्स में ली अंतिम सांस

रायपुर, 5 जुलाई 2026। छत्तीसगढ़ की शान पंडवानी की महान गायिका तीजन बाई का 5 जुलाई 2026 को निधन हो गया। 70 वर्ष की उम्र में उन्होंने रायपुर एम्स में जीवन की अंतिम सांस ली। वे पिछले कई दिनों से यहां इलाज के लिए भर्ती थीं। पद्मश्री, पद्म भूषण और पद्म विभूषण से सम्मानित तीजन बाई ने पंडवानी को अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाने में ऐतिहासिक भूमिका निभाई।

राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्म ने उनके निधन पर संवेदना व्यक्त किया है। राष्ट्रपति ने अपने संदेश में कहा प्रख्यात पंडवानी कलाकार तीजन बाई जी के निधन का समाचार अत्यंत दुःखद है। उन्होंने अपनी सशक्त आवाज, प्रभावशाली उपस्थिति और अनोखी प्रस्तुति से महाभारत की कथाओं को मंच पर जीवंत किया। अपनी विलक्षण प्रतिभा, समर्पण और वर्षों की साधना से उन्होंने छत्तीसगढ़ की समृद्ध पंडवानी परंपरा को देश-विदेश में पहचान दिलाई। भारतीय सांस्कृतिक विरासत का प्रसार करने में उनका अमूल्य योगदान स्मरणीय रहेगा। मैं उनके प्रियजनों और प्रशंसकों के प्रति गहन संवेदनाएं व्यक्त करती हूं।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने तीजन बाई के निधन पर गहरी संवेदना जताई है। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा-सुप्रसिद्ध पंडवानी गायिका तीजन बाई जी के निधन से अत्यंत दुख हुआ है। उन्होंने छत्तीसगढ़ की इस लोक कला को अपनी भव्य प्रस्तुति से दुनियाभर में एक विशिष्ट पहचान दिलाई। उनका जाना कला एवं संस्कृति जगत के लिए एक अपूरणीय क्षति है। शोक की इस घड़ी में मेरी संवेदनाएं उनके परिजनों और प्रशंसकों के साथ हैं। ओम शांति!

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने गहरा दुख व्यक्त करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ की लोक संस्कृति की अमर गाथाकार, पद्म विभूषण से सम्मानित विश्वविख्यात पंडवानी कलाकार डॉ. तीजन बाई जी के निधन का समाचार अत्यंत दुखद है।

उनका निधन न केवल लोककला जगत के लिए, बल्कि समूचे छत्तीसगढ़ तथा समस्त देश की सांस्कृतिक विरासत के लिए एक अपूरणीय क्षति है। अपने अद्वितीय गायन शैली, विलक्षण प्रतिभा और लोक परंपराओं के संरक्षण के माध्यम से उन्होंने छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक पहचान को विश्व पटल पर प्रतिष्ठित किया। उनका अतुलनीय योगदान सदैव स्मरणीय रहेगा। प्रभु श्रीराम से प्रार्थना है कि दिवंगत पुण्यात्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान प्रदान करें तथा शोकसंतप्त परिजनों, असंख्य प्रशंसकों और समस्त लोककला जगत को इस गहन दुःख को सहन करने की शक्ति एवं संबल प्रदान करें।

विधानसभा अध्यक्ष डॉ रमन सिंह ने कहा आज पंडवानी का एक सुर सदा के लिए शांत हो गया है। छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक अस्मिता की सशक्त प्रतीक, पद्मश्री, पद्मभूषण एवं पद्मविभूषण से अलंकृत, विश्वविख्यात पंडवानी की अप्रतिम साधिका तीजन बाई जी का देहांत छत्तीसगढ़ ही नहीं, बल्कि पूरे देश की सांस्कृतिक चेतना के लिए एक अपूरणीय क्षति है।

तीजन बाई जी ने छत्तीसगढ़ की समृद्ध लोक परंपरा को अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाते हुए अनगिनत कलाकारों को प्रेरणा प्रदान की। प्रभु श्री राम से प्रार्थना है कि दिवंगत पुण्यात्मा को अपने श्रीधाम में स्थान प्रदान करें तथा शोक-संतप्त परिजनों को यह असीम दुःख सहने की शक्ति दें।

छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री व कांग्रेस के वरिष्ठ नेता भूपेश बघेल ने कहा कि छत्तीसगढ़ की अनमोल रत्न, महान पंडवानी गायिका, पद्म विभूषण श्रीमती तीजन बाई जी का निधन छत्तीसगढ़ के साथ-साथ देश में कला और संस्कृति की बड़ी क्षति है।

उन्होंने अपने गायन से पंडवानी विधा को सजीव रखा और छत्तीसगढ़ का नाम विश्व पटल पर गौरवान्वित किया।
हम सब आज उन्हें अपनी श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं। ईश्वर उनकी आत्मा को शांति दे और उनके परिजनों व प्रशंसकों को संबल दे।

छत्तीसगढ़ विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष डॉ चरणदास महंत ने अपने संदेश में कहा-छत्तीसगढ़ की लोक संस्कृति की अमर गाथाकार, पद्मश्री, पद्मभूषण व पद्मविभूषण से विभूषित, अंतरराष्ट्रीय पंडवानी गायिका तीजन बाई जी के निधन का समाचार अत्यंत पीड़ादायक है। उनके परिजनों के प्रति मेरी गहरी संवेदनायें है।

उन्होंने अपनी अद्वितीय पंडवानी शैली से महाभारत की कथाओं को देश-विदेश के मंचों तक पहुँचाकर छत्तीसगढ़ की लोक संस्कृति को वैश्विक पहचान दिलाई। उनका संघर्ष, समर्पण और कला-साधना सदैव आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करती रहेगी। ईश्वर से प्रार्थना है कि, वें दिवंगत आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान प्रदान करें।

छत्तीसगढ़ के डिप्टी सीएम अरुण साव ने दुख व्यक्त करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ लोक संस्कृति की सशक्त आवाज और पंडवानी की अद्भुत प्रस्तुति से देश-दुनिया में प्रदेश को गौरवान्वित करने वाली एवं पद्मश्री, पद्म भूषण, पद्म विभूषण से सम्मानित तीजन बाई जी के निधन का समाचार अत्यंत दुःखद एवं हृदयविदारक है।

उनका जाना छत्तीसगढ़ ही नहीं है, अपितु भारतीय लोककला और सांस्कृतिक जगत के लिए एक अपूरणीय क्षति है। मुरलीमनोहर भगवान श्रीकृष्ण जी से प्रार्थना है कि पुण्यात्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान प्रदान करें। शोकाकुल परिजनों एवं उनके असंख्य प्रशंसकों को यह असीम दुःख सहने की शक्ति दें।

पूर्व डिप्टी सीएम टीएस सिंहदेव ने गहरा दुख जताते हुए कहा, लोककला की अमर साधिका, पंडवानी की अनुपम स्वर और छत्तीसगढ़ की गौरवशाली पहचान, पद्म विभूषण डॉ. तीजन बाई जी के निधन का समाचार अत्यंत दुःखद है।

उन्होंने अपनी अद्भुत कला से पंडवानी और छत्तीसगढ़ को देश-दुनिया में नई पहचान दिलाई। उनका योगदान सदैव स्मरणीय रहेगा और आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करता रहेगा। ईश्वर दिवंगत आत्मा को शांति प्रदान करें तथा शोकाकुल परिजनों और उनके सभी प्रशंसकों को यह दुःख सहने की शक्ति दें।