नई दिल्ली, 20 जुलाई 2026। कांग्रेस के राज्यसभा सांसद इमरान प्रतापगढ़ी बांग्लादेश सीमा पर बेशकीमती जमीन खरीदकर विवादों में आ गये हैं। इमरान प्रतापगढ़ी कांग्रेस के अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ के नेशनल प्रेसिडेंट भी हैं। उन्हें कांग्रेस की टॉप लीडरशिप में प्रियंका गांधी का नजदीकी माना जाता है। इमरान प्रतापगढ़ी मूल रुप से उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ जिले के जेठवारा थाना क्षेत्र के चमरूपुर शुकुलान के रहने वाले हैं।
बांग्लादेश सीमा पर संवेदनशील इलाके में करीब 70 एकड़ भूमि सात खातेदारों के नाम पर दर्ज की गयी है। इनमें से चार खातेदार प्रतापगढ़ जिले के जेठवारा थाना क्षेत्र के चमरूपुर शुकुलान के रहने वाले हैं। तीन अन्य खातेदारों में दो दिल्ली और एक मऊ उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं। खास बात यह है कि यह सभी खातेदार मुसलमान हैं। ऐसी चर्चा है कि पूरी 70 एकड़ भूमि इमरान प्रतापगढ़ी ने ही खरीदी है। विवादों से बचने के लिए उन्होंने खातेदारों में अपने खास लोगों का नाम रख दिया है।
हलाकि पूरे मामले की छानबीन शुरू हो गयी है। जल्द ही इस मामले में पूरा मामला सामने आयेगा। यह प्रकरण और भी दिलचस्प इसलिए है कि इसी भूमि को सेना को आवंटित किया जाना था। इस आवंटन की प्रक्रिया शुरू होने से पहले ही इस भूमि को सात खातेदारों के नाम दर्ज कर दिया गया है।
जानें क्या है पूरा मामला
देश की सीमाओं की सुरक्षा और सुरक्षा की नज़र से बेहद संवेदनशील ‘सिलीगुड़ी कॉरिडोर’ (चिकन नेक) के निकट किशनगंज जिले के ठाकुरगंज में एक बड़ा जमीनी खेल सामने आया है। भारतीय सेना के एक नए सैन्य स्टेशन की योजना चल रही है। लेकिन, इस बीच, चुनी हुई ज़मीन के मालिक बहुत ही अजीब तरह से और तेज़ी से बदले हैं।
सरकारी अभिलेखों और खरीद-बिक्री के कागज़ (सेल डीड) की पड़ताल से खुलासा हुआ है कि प्रस्तावित क्षेत्र की लगभग 70 एकड़ 91 डिसमिल भूमि महज 7 बाहरी खरीदारों के नाम पंजीकृत करा दी गई है।
क्यों खास है यह जमीन
- ठाकुरगंज प्रखंड का मौजा भेलागुड़ी भौगोलिक और सुरक्षा की नज़र से बेहद खास स्थिति में है।
- यह इलाका भारत के मुख्य भू-भाग को पूर्वोत्तर राज्यों (North East) से जोड़ने वाले एकमात्र संकरे रास्ते ‘सिलीगुड़ी कॉरिडोर’ के बिल्कुल पास है।
- नेपाल, बांग्लादेश और भूटान की अंतरराष्ट्रीय सीमाओं के नजदीक होने के कारण यह क्षेत्र सैन्य दृष्टिकोण से अति-संवेदनशील है।
- इसी वजह से रक्षा संपदा विभाग और जिला प्रशासन ने यहां सेना के नए स्टेशन के लिए 189.68 एकड़ निजी भूमि लेने के लिए फाइल आगे बढ़ाई थी।
सरकारी प्रक्रिया धीमी, रजिस्ट्रियों की तेज रफ्तार
उपलब्ध आधिकारिक और रजिस्ट्री दस्तावेजों के अनुसार, सैन्य स्टेशन की प्रशासनिक प्रक्रिया और निजी खरीद की समयरेखा (Timeline) एक-दूसरे के बेहद करीब दिखती है।
- 01 अक्टूबर 2025: सैन्य स्टेशन की स्थापना के लिए प्रारंभिक सरकारी कार्रवाई और बातचीत/लिखत-पढ़त शुरू हुई।
- 07 नवंबर 2025: प्रशासनिक स्तर पर चिन्हित भूमि का मिलकर ज़मीन का मुआयना (Joint Survey) प्रारंभ किया गया।
- 21 जनवरी व 10 फरवरी 2026: जिला प्रशासन और भू-अर्जन कार्यालय द्वारा भूमि अधिग्रहण को लेकर अंतिम चरण का बातचीत/लिखत-पढ़त हुआ।
- 11 फरवरी 2026 से शुरुआत: ठीक इसी के अगले दिन यानी 11 फरवरी से उस क्षेत्र में जमीनों की ताबड़तोड़ रजिस्ट्रियां होनी शुरू हो गईं।
- हद तो तब हो गई जब 28 मार्च 2026 को एक ही दिन में कई बड़े भूमि सौदों का पंजीकरण करा लिया गया।
किसने कितनी जमीन खरीदी
हैरानी की बात यह है कि इन सभी 15 खरीद-बिक्री के कागज़ में किसी भी खरीदार का स्थायी पता किशनगंज जिले या बिहार का नहीं है। सभी खरीदार उत्तर प्रदेश और देश की राजधानी दिल्ली के रहने वाले हैं।
- मोहम्मद सलमान खान, 24-F, सेक्टर-7, जसोला विहार, दक्षिण दिल्ली: 14.09 एकड़
- मोहम्मद सुल्तान, चमरूपुर शुकुलान, जिला-प्रतापगढ़ (उत्तर प्रदेश): 13.93 एकड़
- सुलेमान खान, चमरूपुर शुकुलान, जिला-प्रतापगढ़ (उत्तर प्रदेश): 13.12 एकड़
- मोहम्मद शमीम, जसोला, दक्षिण दिल्ली: 11.72 एकड़
- मोहम्मद अनस, मऊ (उत्तर प्रदेश): 9.05 एकड़
- तश्कील अहमद, चमरूपुर शुकुलान, जिला-प्रतापगढ़ (उत्तर प्रदेश): 7.35 एकड़
- इमरान प्रतापगढ़ी, चमरूपुर शुकुलान, जिला-प्रतापगढ़ (उत्तर प्रदेश): 1.61 एकड़
सरकारी दस्तावेजों में एक ऐसा नाम सामने आया जिसने सबको चौंका दिया। वह है ‘पार्लियामेंट मेंबर’! इस पूरे मामले ने तब राजनीतिक और प्रशासनिक मोड़ ले लिया जब रजिस्ट्री के कुछ खास विलेखों (संख्या 1418, 1420 और 1426) की जांच की गई।
इन दस्तावेजों में खरीदार के रूप में इमरान प्रतापगढ़ी, पिता-मोहम्मद इलियास खान, निवासी ग्राम-चमरूपुर शुकुलान, जिला-प्रतापगढ़ (उत्तर प्रदेश) का नाम स्पष्ट रूप से दर्ज है। सबसे खास बात यह है कि विलेख के ‘पेशा’ (Profession) वाले कॉलम में साफ तौर पर खेती वगैरह एवं पार्लियामेंट मेंबर लिखा हुआ है। राज्यसभा की आधिकारिक सदस्य निर्देशिका (Official Directory) के अनुसार भी कांग्रेस के राज्यसभा सांसद इमरान प्रतापगढ़ी का स्थायी पता यही दर्ज है।
