छत्तीसगढ़

धर्मगुरु सैयदना ने बताया सफल होने का मंत्र, समझाया विनम्रता -ईमानदारी और छोटे प्रयासों का महत्व

Ramesh Pandey
By Ramesh Pandey On अगस्त 11, 2026
1 min read • 1.2k views
9146421

रायपुर, 11 अगस्त 2026। दाऊदी बोहरा समाज के 53वें धर्मगुरु परम पावन सैयदना मुफद्दल सैफुद्दीन साहब ने मंगलवार, 11 अगस्त को आमानाका स्थित नवनिर्मित हसनी मस्जिद में रायपुर में एकत्रित करीब छह हजार दाऊदी बोहरा समाज के लोगों को संबोधित किया।

अपने प्रवचन में सैयदना साहब ने शहर के नाम रायपुर का उल्लेख करते हुए कहा कि गुजराती भाषा में ‘राई’ का अर्थ सरसों के छोटे से बीज से है। उन्होंने राई के उदाहरण के माध्यम से विनम्रता के साथ निरंतर और छोटे-छोटे प्रयास करते हुए आगे बढ़ने का महत्व समझाया।

उन्होंने क्षेत्र में उगाई और उत्पादित होने वाली चावल और लोहे की विशेषताओं का भी उल्लेख किया। इन उदाहरणों के माध्यम से सैयदना साहब ने मेहनत, धैर्य और दृढ़ता के मूल्यों पर जोर दिया। उन्होंने समाज के सदस्यों से शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्टता हासिल करने तथा ईमानदार आजीविका अर्जित करने के लिए निरंतर प्रयास करते रहने का आह्वान किया।
देशभर के 100 से अधिक शहरों, कस्बों और गांवों से दाऊदी बोहरा समाज के लोग सैयदना साहब का प्रवचन सुनने के लिए रायपुर पहुंचे। अपने संबोधन में उन्होंने धार्मिक जीवन से जुड़े विषयों के साथ-साथ परिवार, व्यवसाय, समाज और व्यापक समाज के प्रति व्यक्ति की जिम्मेदारियों पर भी मार्गदर्शन दिया।
सैयदना साहब सोमवार, 10 अगस्त को मुंबई से रायपुर पहुंचे। यह पिछले 10 वर्षों में उनका रायपुर का पहला दौरा है।

रायपुर में दाऊदी बोहरा समाज के करीब 400 परिवार निवास करते हैं। इनमें से कई परिवार हार्डवेयर, कपड़ा और पावर टूल्स सहित विभिन्न क्षेत्रों में व्यवसाय से जुड़े हैं। समाज के सदस्य शहर में सामाजिक कल्याण से जुड़ी गतिविधियों में भी सक्रिय रूप से भाग लेते हैं, जिनमें खाद्य एवं पोषण सहायता के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण से जुड़े कार्यक्रम शामिल हैं।

Ramesh Pandey

Ramesh Pandey

रमेश पांडेय (Ramesh Pandey) एक अनुभवी पत्रकार हैं, जिन्हें डिजिटल मीडिया और क्षेत्रीय समाचार रिपोर्टिंग में 20 वर्षों का अनुभव है।