नई दिल्ली, 22 अगस्त 2026। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन ने शनिवार 22 अगस्त को दिल्ली स्थित पार्टी मुख्यालय में नई टीम के पदाधिकारियों के साथ मेगा बैठक की। शाम को करीब सात बजे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी इस बैठक में शामिल होने पहुंचे।
प्रधानमंत्री मोदी ने नई टीम के साथ तस्वीर खिंचवाई और अशीर्वाद प्रदान किया। पार्टी ने ‘वंदे मातरम’ के सम्मान और ऐतिहासिक विरासत पर एक प्रस्ताव पास किया और राष्ट्रीय गीत के इतिहास और महत्व के बारे में जागरूकता बढ़ाने के लिए देशव्यापी अभियान की घोषणा की। पार्टी अध्यक्ष नितिन नबीन ने प्रधानमंत्री का स्वागत किया। 17 अगस्त 2026 को घोषित 65 सदस्यीय टीम में 51 नए चेहरे शामिल हैं, जिनमें कविता पाटीदार, के सुरेंद्रन, मनोज टिग्गा और संदीप पाठक शामिल हैं।
इस फेरबदल में जिन प्रमुख लोगों को जिÞम्मेदारियां दी गईं, उनमें राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे और पूर्व केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी शामिल हैं। दिन में नई टीम के साथ हुई बैठक में, भाजपा प्रमुख नितिन नबीन ने नवनियुक्त पदाधिकारियों से युवा संवाद या युवाओं के साथ लगातार जुड़ाव को प्राथमिकता देने को कहा।
रिपोर्ट के अनुसार, बीजेपी आने वाले दिनों में युवाओं तक पहुंचने के लिए बड़े कार्यक्रम शुरू करने की योजना बना रही है। चर्चा 14 वर्ष और उससे अधिक उम्र के लोगों तक पहुंचने के लिए एक प्रभावी अभियान तैयार करने पर केंद्रित थी।
पार्टी ने देश भर के वरिष्ठ नेताओं को शामिल करके समर्पित टीमें बनाना शुरू कर दिया है। भारतीय जनता युवा मोर्चा को इन टीमों को बनाने और उन्हें सक्रिय करने में मदद करने का काम सौंपा गया है।
रिपोर्ट में कहा गया है कि इस आउटरीच कार्यक्रम में पूर्व राष्ट्रीय पदाधिकारियों को भी अहम भूमिका दी जाएगी। बीजेपी ने कांग्रेस वर्किंग कमेटी के उस फैसले का विरोध करते हुए एक प्रस्ताव पास किया, जिसमें उसने 1937 के अपने प्रस्ताव को दोहराते हुए पार्टी कार्यक्रमों में वंदे मातरम को केवल शुरुआती दो छंदों तक सीमित करने का फैसला किया था, जबकि बीजेपी राष्ट्रीय गीत की ऐतिहासिक विरासत को बनाए रखने की पक्षधर है।
प्रस्ताव में कहा गया है कि राष्ट्रीय गीत की विरासत को मौजूदा वोट-बैंक की राजनीति के हिसाब-किताब तक सीमित नहीं किया जा सकता। पार्टी के एक बयान में कहा गया है कि वह ‘वंदे मातरम’ को भारत का राष्ट्रीय गीत, भारत माता के प्रति सम्मान का प्रतीक, स्वतंत्रता संग्राम का मंत्र और भारत की राष्ट्रीय चेतना का अमर प्रतीक मानती है।
प्रस्ताव में कहा गया है कि पार्टी भारत के राष्ट्रीय गीत और भारत की राष्ट्रीय चेतना व स्वतंत्रता संग्राम के अमर प्रतीक के तौर पर पूरे ‘वंदे मातरम’ के सम्मान, गरिमा, विरासत और राष्ट्रीय दर्जे को बनाए रखने का संकल्प लेती है… साथ ही, संविधान सभा की 1950 की घोषणा और संसद के 2026 के उस संशोधन से तय ‘वंदे मातरम’ के संवैधानिक और कानूनी दर्जे की पुष्टि करती है, जिसके तहत राष्ट्रीय गीत को राष्ट्रीय गान के बराबर कानूनी सुरक्षा दी गई है।
राष्ट्रीय गीत के सभी पद न गाने के कांग्रेस के फैसले की आलोचना करते हुए बीजेपी ने कहा कि वह राष्ट्रीय गीत को सांप्रदायिक दबाव, राजनीतिक तुष्टीकरण या वोट-बैंक की संकीर्ण सोच के आगे झुकाने की हर कोशिश को खारिज करेगी।
कांग्रेस ने ‘वंदे मातरम’ पर अपने 1937 के प्रस्ताव का पालन करने और पार्टी के सभी कार्यक्रमों में राष्ट्रीय गीत का पूरा पाठ करने के बजाय केवल दो पद गाने का फैसला किया था।
प्रस्ताव में कहा गया है, कांग्रेस को यह याद दिलाना कि उसकी कार्यसमिति का कोई प्रस्ताव भारत गणराज्य की संवैधानिक संस्थाओं या कानूनों से ऊपर नहीं हो सकता, और 1937 के किसी राजनीतिक समझौते को 1950 के संवैधानिक फैसले और संसद द्वारा 2026 में बनाए गए कानून से ऊपर नहीं रखा जा सकता… साथ ही, भारत की जनता के सामने उस ऐतिहासिक और राजनीतिक संदर्भ को उजागर करना जिसमें ‘वंदे मातरम’ को छोटा किया गया था, जिसमें मुस्लिम लीग द्वारा जताई गई आपत्तियां और उसके बाद सांप्रदायिक व अलगाववादी मांगों की राजनीति शामिल है।
