रायपुर में इतिहास रचेगा दही हांडी उत्सव, 15 लाख रुपये मिलेगा ईनाम

रायपुर, 30 अगस्त 2026। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में दही हांडी उत्सव के ऐतिहासिक आयोजन की तैयारी है। 5 सितंबर 2026 को यह आयोजन गुडियारी में होगा। गुडियारी में यह आयोजन सार्वजनिक दही हांडी उत्सव समिति और श्री हनुमान मंदिर ट्रस्ट के संयुक्त सहयोग से किया जा रहा है। कार्यक्रम दोपहर 3 बजे से अवधपुरी मैदान, श्रीनगर रोड में आयोजित होगा।

दही हांडी उत्सव में छत्तीसगढ़ ही नहीं बल्कि महाराष्ट्र, मध्यप्रदेश, झारखंड, ओडिशा सहित अन्य राज्यों की गोविंदा टोलियां हिस्सा लेंगी। प्रतियोगिता के विजेता दल को 15 लाख रुपये की नगद पुरस्कार राशि प्रदान की जाएगी। अन्य प्रतिभागी गोविंदा टोलियों को भी समिति की ओर से सांत्वना राशि दी जाएगी। पत्रकार वार्ता में पुष्पेंद्र उपाध्याय, हेमेंद्र साहू, दीनानाथ शर्मा, घनश्याम पारीक, आजाद गुर्जर, रमेश बंसल शंकर बरवा, प्रकाश महेश्वरी, पुरुषोत्तम देवांगन, संजय अग्रवाल, घनश्याम शर्मा, श्रवण शर्मा, दीपक राम, भगत अग्रवाल उपस्थित रहे।

26 गोविंदा टोलियों का हो चुका पंजीयन

समिति के संयोजक बसंत अग्रवाल और सह-संयोजक हेमेन्द्र साहू ने आयोजन की तैयारियों की जानकारी देते हुए बताया कि अब तक रायपुर, दुर्ग, राजनांदगांव सहित विभिन्न क्षेत्रों की लगभग 26 गोविंदा टोलियों एवं महिला गोविंदा टोलियों ने पंजीयन कराया है। महाराष्ट्र तथा मध्यप्रदेश के भण्डारा इंदौर और जबलपुर से भी टोलियों ने अपना नाम दर्ज कराया है। प्रतियोगिता में भाग लेना पूर्णत: नि:शुल्क है।

लक्खा के सुरों पर नाचेंगे युवा

दही हांडी उत्सव में इस वर्ष धार्मिक आयोजन के साथ-साथ भव्य सांस्कृतिक संध्या भी आकर्षण का प्रमुख केंद्र रहेगी। सुपरस्टार एवं यूथ फेम बी प्राक, अंतर्राष्ट्रीय भजन गायक लखबीर सिंह लक्खा एवं छत्तीसगढ़ की सुप्रसिद्ध लोक गायिका गरिमा स्वर्णा दिवाकर अपनी शानदार प्रस्तुतियां देंगे।

ग्रीस युक्त खंभा दही हांडी विशेष आकर्षण

इस बार भी आयोजन में पुरुष दही हांडी, महिला दही हांडी एवं ग्रीस युक्त खंभा दही हांडी प्रतियोगिता विशेष आकर्षण का केंद्र होगी। विभिन्न राज्यों से आने वाली गोविंदा टोलियां अपने साहस, उत्साह और टीम भावना का प्रदर्शन करेंगी।

सुरक्षा के लिए विशेष व्यवस्था

आम श्रद्धालुओं एवं गोविंदा टोलियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए समिति द्वारा प्रशासन के सहयोग से पुलिस व्यवस्था, प्राथमिक उपचार केंद्र एवं आपातकालीन स्थिति के लिए एम्बुलेंस की व्यवस्था की गई है। श्रद्धालुओं के बैठने की भी समुचित व्यवस्था की गई है।

समिति ने सभी गोविंदा टोलियों से सुरक्षा नियमों का पालन करने की अपील की है। प्रतियोगिता के दौरान किसी टोली द्वारा अपने स्तर पर किए गए प्रयास से होने वाली व्यक्तिगत दुर्घटना की जिम्मेदारी संबंधित टोली की स्वयं की होगी।