खैरागढ़, 02 सितंबर 2026। देश के विकास की रफ्तार को नई दिशा देने में महिलाओं की भागीदारी लगातार बढ़ रही है। भाजपा नेत्री वंदना टांडेकर ने कहा कि आज नारी शक्ति केवल परिवार की जिम्मेदारियां निभाने तक सीमित नहीं है, बल्कि आर्थिक और सामाजिक बदलाव की प्रमुख ताकत बनकर सामने आ रही है।
उन्होंने कहा कि गांवों में महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़ने से लेकर शिक्षा, व्यवसाय, प्रशासन, खेल और रोजगार के क्षेत्र में उन्हें आगे बढ़ाने के लिए केंद्र एवं राज्य सरकार द्वारा कई योजनाएं संचालित की जा रही हैं। लखपति दीदी योजना ने ग्रामीण महिलाओं के लिए आय के नए अवसर तैयार किए हैं और उन्हें आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
वंदना टांडेकर ने कहा कि सरकार की योजनाओं का उद्देश्य केवल आर्थिक सहायता देना नहीं, बल्कि जरूरतमंद परिवारों को आत्मनिर्भर बनाना है। प्रधानमंत्री आवास योजना, आयुष्मान भारत, उज्ज्वला योजना, जल जीवन मिशन और पीएम सूर्य घर योजना जैसी योजनाओं से आम परिवारों को सुविधाएं मिल रही हैं।
उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में भी महतारी वंदन योजना, कृषक उन्नति योजना, दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन कृषि मजदूर योजना, रानी दुर्गावती योजना और सरस्वती साइकिल योजना जैसी पहल महिलाओं, किसानों और जरूरतमंद वर्गों को आगे बढ़ाने का काम कर रही हैं।
भाजपा नेत्री ने कहा कि 2047 के विकसित भारत का सपना केवल आर्थिक विकास से पूरा नहीं होगा, बल्कि इसमें महिलाओं की बराबर भागीदारी जरूरी है। जब महिलाएं आर्थिक रूप से मजबूत होंगी, तो उसका सीधा असर परिवार की आय, बच्चों की शिक्षा और समाज की प्रगति पर पड़ेगा।
उन्होंने कहा कि आने वाले भारत की तस्वीर ऐसी होनी चाहिए, जहां महिलाएं सहायता पाने वाली नहीं, बल्कि रोजगार देने वाली, उद्यमी और विकास की नेतृत्वकर्ता बनें। यही सशक्त नारी और विकसित भारत की वास्तविक पहचान होगी।
