लखनऊ, 13 सितंबर 2026। यूपी में आलू की खेती करने वाले किसानों के लिए बड़ी खुशखबरी है। अब उन्हें खेत से उपजाये गए आलू की अच्छी कीमत मिल सकेगी। इसके लिए उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। इस फैसले के तहत प्रदेश से आलू का निर्यात दूसरे देशों को किया जाएगा। पहले चरण में मलेशिया और रूस को उत्तर प्रदेश से आलू का निर्यात किये जाने पर सहमति बनी है। इन दोनों देशों को सैंपल भी भेज दिया गया है। उम्मीद है कि अक्टूबर 2026 से निर्यात मलेशिया और रूस के लिए शुरू हो जाएगा।
12 सितंबर 2026 को योगी सरकार के मंत्री दिनेश प्रताप सिंह ने क्रेता-विक्रेता (बीटूबी मीट) सम्मेलन में हिस्सा लिया। इस सम्मेलन में देशभर के विभिन्न राज्यों के व्यापारी, विदेश एक्सपोर्टर, शीतगृह स्वामी और 31 जिलों के किसान शामिल हुए। क्रेता-विक्रेता सम्मेलन में पहले दिन छह किसानों से एमओयू भी किया गया। जिन किसानों से एमओयू हुआ है वे सभी आगरा के हैं। आगरा के किसान बड़े पैमाने पर आलू की खेती करते हैं।
मंत्री दिनेश प्रताप सिंह ने बताया कि सम्मेलन में कई एक्सपोर्टर शामिल हुए हैं। जिनकी विदेशों में भी कंपनी हैं। वहां आम व अन्य सामान का बड़े स्तर पर निर्यात करते हैं। इन व्यापारियों ने उनके साथ कई देशों की यात्रा कर निर्यात की संभावना तलाशी हैं। उन्हें मलेशिया में निर्यात की संभावना हैं। वह इसी महीने के अंत में तक निर्यात मलेशिया में शुरू कर देंगे। अगर वहां प्रदेश की आलू गुणवत्ता पसंद आया तो प्रदेश का आलू बहुत बड़ी मात्रा में खपाया जा सकता है।
उन्होंने बताया कि मलेशिया के अलावा रूस भी कई किस्मों के सैंपल भेजे गए हैं। अगर सैंपल रूस की गुणवत्ता पर खरे उतरते हैं, तो वहां भी निर्यात के रास्ते खुल जाएंगे। इसके बाद प्रदेश का आलू अच्छे भाव के साथ निर्यात होना शुरू हो जाएगा।
सम्मेलन में उद्यान निदेशक भानु प्रकाश राम, संयुक्त निदेशक राजीव वर्मा, उत्तर प्रदेश कोल्ड स्टोरेज एसोसिएशन की अध्यक्ष तृप्ति सिंह, उपनिदेशक नीरज कौशल, डीएचओ मनोज चतुर्वेदी सहित 31 जिलों के उद्यान अधिकारी, व्यापारी, कोल्ड स्टोरेज स्वामी व किसान शामिल हुए।
